जागरण संवाददाता, पानीपत: ड्रेन नबर एक व दो से होकर जाने वाला पानी यमुना को मेला कर रहा है। मुख्य सचिव हरियाणा ने इस पर चिंता जताई है और यमुना मे गिरने वाले दूषित जल के बारे मे सर्वे करने के निर्देश दिए है। अधिकारियो को इसको लेकर 15 दिन तक सर्वे कार्य पूरा करना होगा। मुख्य सचिव के निर्देशो के बाद जिलाधिकारियो मे हलचल तेज हो गई है। मुख्य सचिव हरियाणा डीएस ढेसी ने सोमवार को उपायुक्त कार्यालय मे विभिन्न अधिकारियो के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होने मीटिंग मे अधिकारियो को ड्रेन नंबर वन व टू मे औसतन दूषित पानी की पूरी रिपोर्ट मांगी। उन्होने कहा कि यमुना मैली होना चिंता का विषय है। अधिकारियो को इसको लेकर गंभीर होना होगा। उन्होने कहा कि अधिकारियो को इसमे दर्शाना होगा कि ड्रेन नंबर एक व दो मे कितना पानी जाता है और यमुना मे कितना दूषित जल गिरता है। 15 दिन तक इस सर्वे मे हर तीसरे दिन इसका सैंपल भी ले। इसके साथ-साथ उन्होने सीईटीपी व एसईटीपी के बारे मे भी स्थिति जानी। डीएस ढेसी ने दिल्ली की और जाने वाले ट्रको की स्थिति पर भी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए है। सॉयल हेल्थ कार्ड आधार कार्ड से जोड़े जाएंगे मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने कहा कि किसानो को यूरिया खाद की किल्लत आड़े नही आने दी जाएगी। प्रदेश सरकार इसको लेकर गंभीर है। उन्होने कहा कि इसके इसलिए 2019 तक किसानो के सॉयल हेल्थ कार्ड को आधारकार्ड से लिक किया जाएगा। इससे फर्टीलाइजर और यूरिया की उपलब्धता और उसके वितरण का सही आकड़ा प्राप्त होगा। इससे यूरिया की वितरण प्रणाली मे भी पारदर्शिता आएगी। डीसी ने यूरिया खाद की रिपोर्ट रखी मुख्य सचिव ने यूरिया से सबधित उपलब्धता और उसके वितरण को लेकर बात की। उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे ने बताया कि एक अक्टूबर से लेकर अब तक 40 हजार 851 मीट्रिक टन यूरिया आ चुका है। जिसमे से 39126 मीट्रिक टन यूरिया विक्रय किया जा चुका है। वर्तमान मे 1725 मीट्रिक टन यूरिया जिला मे उपलब्ध है। इसके साथ-साथ 14545 मीट्रिक टन डीएपी मे से 9524 मीट्रिक टन बेचा जा चुका है और 5952 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। खरे ने सॉयल हेल्थ कार्ड के बारे मे बताया कि चालू वर्ष मे कृषि विभाग को 21605 सॉयल हेल्थ कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया गया था। विभाग द्वारा शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया गया है और 25220 सॉयल हेल्थ कार्ड बनाए गए है। पराली न जलाने को लेकर भी 24 से 28 सितंबर और 3 से 10 अक्तूबर तक किसानो के लिए जागरूकता कैंप लगाए गए है। भावांतर भरपाई योजना के तहत भी तीन कैप लगाए जा चुके है। कृषि उपकरणो मे सब्सिडी के लिए 594 आवेदन कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. वीरेंद्र आर्य ने बताया कि दिसंबर और जनवरी माह मे आधार लिक के कारण कई बार यूरिया वितरण मे दिक्कत आई थी लेकिन वह ठीक कर ली गई थी। जिला मे कृषि उपकरणो मे सब्सिडी के लिए 594 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमे से 288 मशीने जोकि पराली प्रबधन के लिए दी गई। उन्होने नगर निगम से संबधित प्रधानमत्री आवास योजना और रैन बसेरो को लेकर भी चर्चा की। उपायुक्त ने बताया कि रेलवे के साथ पार्को निर्माण को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके है और पार्को का काम पानीपत व समालखा मे शुरू हो चुका है। उन्होने स्थानीय टोल व डाहर टोल से गुजरने वाले ट्रको की अलग-अलग रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एमडी शुगर मील बीर सिह, एसडीएम विवेक चौधरी, एसडीएम समालखा बौरव कुमार, प्रदूषण नियत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी भूपेंद्र सिह मौजूद रहे।