पानीपत/करनाल, [प्रदीप शर्मा]। इस सप्ताह प्रदेश में मौसम के दो रंग देखने को मिलेंगे। पहला जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में बन रहे चक्रवात के कारण दक्षिण हरियाणा खासकर सिरसा, हिसार, भिवानी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी क्षेत्र में 14 व 15 नवंबर को हल्की बरसात हो सकती है। दूसरा हवा में नमी बढऩे के कारण जीटी रोड बेल्ट के जिलों पानीपत, करनाल, अंबाला, कुरुक्षेत्र, सोनीपत सहित फरीदाबाद व गुरुग्राम में प्रदूषण का स्तर बढऩे की आशंका बनी हुई है। इसके बाद 16 नवंबर को मौसम साफ होगा।  

केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मुताबिक आने वाले 24 घंटे में बादल छा सकते हैं। कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार 17 नवंबर से न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी। न्यूनतम तापमान 6.0 डिग्री सेल्सियस तक को छू सकता है। पिछले कुछ सालों पर गौर किया जाए तो नवंबर माह में 2009 में न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री सेल्सियस तक चला गया था। 

खेती पर असर

बूंदाबांदी होती है तो भी रबि की फसलों की बुआई पर कोई असर नहीं है। मौसम बदलाव से ठंड बढ़ेगी, जो गेहूं की बुआई के लिए और भी उपयुक्त रहेगी। 

Panipat में Pollution से राहत नहीं, एयर क्वालिटी इंडेक्स 494 तक पहुंचा

मौसम विभाग का मानना है कि 14 व 15 नवंबर को मौसम बदलाव के कारण नमी की मात्रा बढ़ेगी, ऐसे में इस सप्ताह प्रदूषण से राहत के कोई आसार नहीं है। बृहस्पतिवार को पानीपत में एयर क्वालिटी इंडेक्स 498 माइक्रोग्राम दर्ज किया गया। नमी के कारण पर्यावरण में घुले जहरीले कण साफ नहीं हो पा रहे हैं। हवा भी बंद चल रही है, जिस कारण से पर्यावरण साफ नहीं हुआ है। 

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