राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में अब डीएपी खाद की किल्‍लत नहीं होगी। सरकार ने खाद की किल्‍लत को देखते हुए कड़ा फैसला लिया है। हरियाणा में डीएपी (डाई अमोनियम फास्फेट) खाद को लेकर किसानों में चल रही मारामारी के बीच केंद्र सरकार ने सप्लाई बढ़ाने का भरोसा दिलाया है। इस बीच कृषि मंत्री जेपी दलाल ने मंगलवार को अधिकारियों व खाद निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी जिलों में कृषि योग्य भूमि के हिसाब से किसानों को खाद उपलब्ध कराया जाए।

किसानों को जबरन कीटनाशक दवाइयां देने पर रोक

कृषि मंत्री ने खाद कंपनियों के प्रतिनिधियों से कहा कि कुछ डीलर खाद के साथ कुछ कीटनाशक दवाइयां किसानों को जबरन दे रहे हैं। इस पर तत्काल रोक लगाएं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में खाद की पर्याप्त मात्रा है और किसी भी प्रकार के खाद की कोई कमी नहीं है।

जिलेवार मांग के अनुसार दी जाए खाद

उन्होंने कृषि अधिकारियों से कहा कि सरसों की बुआई वाले क्षेत्रों में मांग के अनुसार खाद उपलब्ध कराकर सही ढंग से वितरित किया जाए ताकि सरसों की बुआई समय पर की जा सके । इसके अलावा गेहूं की बुआई को ध्यान में रखकर जिला स्तर पर खाद का डाटा तैयार किया जाए कि वहां खाद की कितनी जरूरत है। उसी हिसाब से खाद को वितरित किया जाए। किसानों को सरसों की बुआई के लिए एसएसपी (सिंगल सुपर फास्फेट) खाद का इस्तेमाल करने के लिए जागरूक करें।

वहीं, खाद कंपनियों के प्रतिनिधियों ने मंत्री को बताया कि रबी फसलों की बुआई के लिए पर्याप्त मात्रा में यूरिया, डीएपी, एनपीके (नाइट्रोजन फास्फोरस पोटेशियम), एसएसपी खाद उपलब्ध है। सरसों के लिए एसएसपी खाद सबसे अच्छी है क्योंकि इसमें फासफोरस के अलावा सल्फर तत्व भी होता है। गेहूं की बुआई में एनपीके खाद का प्रयोग करें। इसमें तीन मुख्य तत्वों की मात्रा होती है और पैदावार भी अच्छी होती है।

Edited By: Anurag Shukla