अंबाला, जागरण संवाददाता। आर्थिक तंगी से जूझ रही दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) में अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों की भारी भरकम फौज के बावजूद भी उपभोक्ताओं की संख्या में इजाफा नहीं हो रहा है। इसका प्रमुख कारण बीएसएनएल की कमजोर होते नेटवर्क की वजह से लगातार उपभोक्ताओं की संख्या काम हो रही है। जीएम प्रेम सिंह से लेकर अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की फौज ग्राहकों की संख्या और विभाग की आय बढ़ाने में विफल साबित हो रही है। सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के राजस्व (कमाई) में पिछले दो साल के दौरान तेजी से गिरावट आई है।

2017-18 से शुरू हुआ राजस्व का आंकड़ा

पिछले पांच सालों के आंकड़ों के तुलनात्मक अध्ययन से पता चलता है कि दो साल पहले यानी वित्त वर्ष 2016-17 की समाप्ति तक जीएसएम मोबाइल फोन सेवा से बीएसएनएल का राजस्व की अपेक्षा वित्त वर्ष 2017-18 से दूरसंचार कंपनी की कमाई में गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया और उसका सालाना राजस्व चार अंकों में रह गया। इसका प्रमुख कारण निजी कंपनियों की हाई स्पीड इंटरनेट से लेकर रीचार्ज पर स्कीम उपभोक्ताओं को भाने लगी है। वहीं बीएसएनएल में फाेरजी सेवा का न होना और नेटवर्क की कनेक्टविटी में आ रही दिक्कत की वजह से लगातार ग्राहकों की संख्या कम होने लगी है।

148 एक्सचेंज लगाए गए हैं

बता दें कि भारत संचार निगम लि. अंबाला विजनेस एरिया में उपभोक्ताओं को टेलीफोन सेवा देने के लिए 148 एक्सचेंज लगाए गए हैं। अब 18955 बेसिक फोन, 7395 ब्राड बैंड, 3267 पोस्टपेड मोबाइल, 6 लाख 51 हजार प्रीपेड मोबाइल, 1163 लीज लाइन के उपभोक्ता ही शेष बचे हैं। जबकि इसके लिए 70 से अधिक अधिकारी और 150 से अधिक कर्मचारी लगाए गए हैं।

वर्ष 2019 में उपभोक्ताओं की संख्या

बेसिक फोन - 18996

ब्राड बैंड - 7416

लीज लाइन- 1168

प्रीपेड मोबाइल-652374

पोस्टपेड मोबाइल-3274

वर्ष 2020 में उपभोक्ताओं की संख्या

बेसिक फोन - 18975

ब्राड बैंड - 7415

लीज लाइन- 1173

प्रीपेड मोबाइल-652574

पोस्टपेड मोबाइल-3290

वर्ष 2021 में उपभोक्ताओं की संख्या

बेसिक फोन - 18955

ब्राड बैंड - 7395

लीज लाइन- 1163

प्रीपेड मोबाइल-651574

पोस्टपेड मोबाइल-3267 

Edited By: Rajesh Kumar