पानीपत, जेएनएन। बेटी की शादी के मंगलगीत गाए जा रहे थे। फेरों की तैयारी चल रही थी। हर ओर खुशी थी। इसी दौरान हृदयाघात ने बेटी से मां छीन ली। पत्नी की मौत का राज सीने में दफन कर लिया। विघ्न न पड़े, इसलिए पत्नी के शव को घर नहीं लाया। सुबह बेटी की डोली विदा की। इसके बाद पत्नी की चिता को मुखाग्नि दी।

जाटल रोड रामनगर में बेटी की शादी में मंगल गीत गाए जा रहे थे। तभी मां की हृदय घात से एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। पिता ने दिल पर पत्थर रखकर बेटी व रिश्तेदारों को न बताकर पत्नी के शव को सामान्य अस्पताल में रखवा दिया। ताकि विवाह में खलल न पड़े। बेटी को विदा कर उन्होंने पत्नी की मौत के बारे में परिजनों को बताया।

बैंक्वेट हॉल से हो रही थी शादी
हलवाई हट्टा के ज्वैलर्स रामनगर निवासी सुरेश वर्मा ने बताया कि शनिवार रात को उनकी बेटी शालिनी की शादी एक बैंक्वेट हाल में होनी थी। सोनीपत से बरात आनी थी। सुबह करीब साढ़े नौ बजे महिलाएं मंगल गीत गा रही थी। तभी पत्नी राजरानी (50) के सीने में दर्द हुआ। 

गणतंत्र दिवस समारोह के चलते रास्ता था बंद
वे पत्नी को एक निजी अस्पताल में लेकर गए। लेकिन तबीयत में सुधार नहीं हुआ। फिर वाहन से शिवाजी स्टेडियम की तरफ दूसरे अस्पताल में ले जाने लगा तो गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम की वजह से रास्ता बंद था। करीब आधे घंटे बाद वे पत्नी को असंध रोड स्थित अस्पताल में ले गए। जहां पर डॉक्टरों ने राजरानी को मृत घोषित कर दिया। 

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घर ले आए शव तो दोस्त ने दी ये सलाह
वे पत्नी को घर ले आए। महिलाएं विलाप करने लगी। तभी दोस्त ने सलाह दी कि इससे तो बेटी की शादी में खलल पड़ेगा। वे परिजनों को यह कहकर पत्नी के शव को ले गए कि सांसें चल रही हैं। इलाज कराने अस्पताल ले जा रहे हैं। उन्होंने पत्नी का शव सामान्य अस्पताल के फ्रीजर में रख दिया। 

रात को विदा कर सुबह पत्नी को दी अंतिम विदाई
रात को फेरे करवा कर बेटी को विदा कर दिया। इसके बाद ही परिजनों और शनिवार सुबह बेटी को राजरानी की मौत की जानकारी दी। असंध नाका चौकी पुलिस ने सामान्य अस्पताल में रविवार को पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंपा गया। राजरानी की परिवार में पति, दो बेटे व बेटी है।

Posted By: Ravi Dhawan

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