पानीपत, जेएनएन। पानीपत में 200 से अधिक ब्लीच हाउसों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें सील कर चुकी है। उसके बावजूद भी ब्लीच हाउसों का प्रदूषण जारी है। बोर्ड की सील को तोड़कर ब्लीच हाउस चलाए जा रहे हैं। ज्यादातर ब्लीच हाउस खेतों में चलते हैं। ट्यूबवेल का पानी ब्लीच हाउस प्रयोग करते हैं। केमिकल युक्त पानी खेतों में जाने से भूमि की उर्वरा शक्ति खराब होती है। बिना कंसेंट के अवैध रूप से चलने वाले इन ब्लीच हाउस को बोर्ड सील कर देता है। सील लगने के 10-15 दिन बाद या तो ब्लीच हाउस की सील तोड़ दी जाती अथवा अन्य स्थान पर ब्लीच हाउस को शिफ्ट कर दिया जाता है।

ज्‍वाइंट एक्‍शन कमेटी बनाई

अवैध रूप से चल रहे इन ब्लीच हाउसों पर काबू पाने के लिए अब ज्वाइंट कमेटी बोरवेल सील करेगी। पहले चरण में 20 ब्लीच हाउसों के बोरवेल सील किए जाएंगे। इसके लिए एसडीएम पानीपत के नेतृत्व में ज्वाइंट कमेटी बनाई गई है। कमेटी में जिला उद्योग केंद्र के ज्वाइंट डायरेक्टर, डिस्ट्रिक्ट हेडरोलोजिस्ट सहित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक्सईएन को शामिल किया गया है। पहले चरण में सनौली कुराड़ रोड, रेलवे क्रासिंग अंडर ब्रिज डाहर, मांडी, देहरा, बलाना, जौरासी, डिडवाड़ी, छाजपुर,सेक्टर 29  पार्ट 1, सेक्टर 18 में राधा स्वामी सत्संग ब्यास के पास, बड़ोली, गढ़ी छाजू गांव में लगे ब्लीच हाउस के बोर वेल सील होंगे।

इन उद्योगों के बोरवेल होंगे सील

1. जो उद्योग नान कंफर्मिंग एरिया में बिना बोर्ड की कंसेंट (सहमति) के चल रहे हैं।

2.काटन वेस्ट, रगज को कार्डिंग प्रोसेस से ब्लीच कर रहे उद्योग

3. जिन उद्योगों में पानी को साफ करने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट (इटीपी) नहीं लगा है।

4. जो उद्योग वाटर एक्ट 1974 की उल्लंघना कर रहे हैं।

पहले चरण में 20 का नंबर

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रीजनल आफि‍सर कमलजीत ने बताया कि पहले चरण में 20 उद्योगों को बोरवेल सील किए जाएंगे। इसकी सूची राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जारी कर दी है। एक दो दिन में यह कार्रवाई शुरु हो जाएगी।

 

Edited By: Anurag Shukla