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जागरण संवाददाता, पानीपत : नगर निगम में स्ट्रीट लाइट में घोटाले की बू आने लगी है। हाउस की मीटिग में सर्वसम्मति से कमेटी से जांच कराना तय होने के बाद भी अधिकारी रिकॉर्ड देने को तैयार नहीं हैं। कमेटी को 15 दिन बाद बैठक में अपनी जांच रिपोर्ट पेश करनी है। निगम अधिकारी बार-बार पत्र जारी करने के बाद भी रिकॉर्ड नहीं सौंप रहे।

नगर निगम कमिश्नर ओमप्रकाश ने अधिकारियों की अनदेखी का मामला सामने आते ही सोमवार 26 अगस्त को सभी संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाई है। बैठक की अध्यक्षता कमेटी के अध्यक्ष एवं पार्षद दुष्यंत भट्ट करेंगे। इसके लिए 23 अगस्त को संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा है। निगम के जानकारों ने बताया कि लेखा विभाग ने स्ट्रीट लाइटों का रिकॉर्ड दे दिया है, लेकिन तकनीकी विग ने इनके टेंडर की डिटेल नहीं दे रहे। अधिकारियों को 1 अप्रैल 2018 से 10 अगस्त 2019 तक का रिकॉर्ड देना है। इसमें स्ट्रीट लाइट लगाने और इसकी मरम्मत का रिकॉर्ड देना है। हाउस के समर्थन में कमेटी गठित की थी

नगर निगम हाउस की बैठक 10 अगस्त को हुई थी। पार्षदों ने स्ट्रीट लाइट लगाने के में घोटाले के आरोप लगाए थे। कमिश्नर ओमप्रकाश ने सदन की सहमति से पार्षद दुष्यंत भट्ट की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमेटी गठित की थी। जिसमें वार्ड-26 पार्षद विजय जैन, वार्ड-21 पार्षद संजीव दहिया, वार्ड-15 पार्षद सुमन, बिजली निगम के एक्सईएन, नगर निगम के वरिष्ठ लेखाधिकारी व नगर निगम के एमई को शामिल किया था। शहर में आज भी अंधेरा

नगर निगम ने शहर में करीब आठ करोड़ की स्ट्रीट और टावर लाइट लगाई हैं। इसके बाद मेंटेनेंस पर हर महीने लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। निगम कमिश्नर ने गत दिनों चारों फर्मों को नोटिस जारी किया था। फर्मों ने उस वक्त कुछ स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने का दावा किया था। शहर की सड़कों में अब फिर अंधेरा छा गया है। वर्जन : फोटो-24

निगम के लेखाधिकारी ने बिलों का रिकॉर्ड दिया है। एक्सईएन ने टेंडर और वर्क ऑर्डर की डिटेल नहीं दी है। कमिश्नर को इस बारे में बताया गया है। कमिश्नर ने सोमवार को संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाई है। अधिकारियों ने बैठक में रिपोर्ट देने की बात कही है।

दुष्यंत भट्टा, कमेटी चेयरमैन एवं पार्षद।

Posted By: Jagran

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