यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 24, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शहर में सफाई के एक ही टेंडर पर घमासान, पार्षदों को नहीं मंजूर
शहर में सफाई के नए प्रोजेक्ट पर फिर से नया घमासान शुरू हो गया है। पार्षदों ने शहर में सफाई ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, पानीपत : शहर में सफाई के नए प्रोजेक्ट पर फिर से नया घमासान शुरू हो गया है। पार्षदों ने शहर में सफाई के लिए लगाया जाने वाला एक टेंडर का खुलकर विरोध किया है। पार्षदों ने साफ किया कि टेंडर लगेगा तो चार जोन का ही लगेगा। एक जोन में शहर की सफाई नहीं होगी। एक टेंडर से तो ठेकेदार अपनी मनमर्जी चलाएंगे। वहीं शहर में नए सफाई प्रोजेक्ट को मुख्यालय की तरफ एक टेंडर लगाने को मंजूरी मिल चुकी है। अब नगर निगम प्रशासन द्वारा ही टेंडर लगाया जाना है। अब पार्षद फिर से शहर की सरकार के खिलाफ बैठक करने की तैयारी में हैं।
पार्षद पहले भी शहर की सरकार के खिलाफ बैठक कर मोर्चा खोल चुके हैं। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ कि बैठक कब होगी। सूत्रों की माने तो सीनियर पार्षदों की बैठक वीरवार को हो सकती है। ऐसे लगना था चार जोन में टेंडर
पार्षदों को पावर देने के लिए प्रस्ताव पास किया गया था। चार जोन में शहर की सफाई व्यवस्था को संभाला जाएगा। इसमें एक जोन में 7 वार्ड व पश्चिम जोन में 6 वार्डों में सफाई करवाई जानी थी। दो सुपर सकर मशीन, जेसीबी मशीन खरीदी जानी थी। चार जोन में लगे टेंडर
वार्ड 20 से पार्षद लोकेश नांगरू ने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि वार्डों में सफाई के लिए चार जोन में ही टेंडर लगाना चाहिए। एक टेंडर से फिर से शहर की सफाई का बंटाधार होगा। शहर में एक ही सफाई टेंडर का विरोध किया जाएगा। एक टेंडर से नहीं बनेगी व्यवस्था
वार्ड 21 से सीनियर पार्षद संजीव दहिया ने दैनिक जागरण से बातचीत में बताया कि शहर में सफाई के लिए एक ही टेंडर से बात नहीं बनेगी। इसका सभी पार्षद विरोध करेंगे और जल्द ही पार्षदों की बैठक को बुलाया जाएगा। शहर की सफाई होनी चाहिए किसी तरह भी
वार्ड सात के पार्षद अशोक कटारिया ने दैनिक जागरण से बातचीत में बताया कि शहर में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल हो चुका है। सफाई के लिए कैसे भी टेंड लगे। हमें तो शहर की सफाई से मतलब है। रही बात चार जोन में टेंडर की, इसके लिए बैठक में प्लान तैयार किया जाएगा। चार जोन पर बार-बार लगी आपत्ति
मेयर अवनीत कौर ने दैनिक जागरण से बातचीत में बताया कि चार जोन में सफाई को लेकर मुख्यालय से बार-बार आपत्ति लग रही है। एक ही टेंडर लगाने को मंजूरी मिल चुकी है। अब प्रशासन ने टेंडर प्रक्रिया शुरू करनी है। टेंडर प्रक्रिया शुरू होने के बाद अपने लेवल पर नई प्लानिग तय की जाएगी।
