करनाल, जेएनएन। ब्लैक फंगस से निपटने के लिए कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज ने विशेषज्ञों की टीम गठित की है। इसमें ईएनटी व आई स्पेशलिस्टों के साथ-साथ ओरोमैक्लिओफेशियल सर्जन को शामिल किया गया है। जिले में बढ़ते ब्लैक फंगस के केस व इससे हो रही मौत के मामले नियंत्रित करने के लिए मेडिकल कालेज प्रबंधन ने मरीजों का बारीकी से अध्ययन शुरू कर दिया है। ये टीम वार्ड में दाखिल लगातार पैनी नजर रखे हुए हैं।

करनाल जिले में ब्लैक फंगस के 187 केस सामने आ चुके हैं, जबकि 49 लोगों की मौत भी हो चुकी है। हालांकि मेडिकल कालेज प्रबंधन ने दावा किया है कि जिले में कोविड के केस लगातार घट रहे हैं। परंतु ब्लैक फंगस को लेकर लोगों में डर का माहौल बना है। निदेशक डा. जेसी दुरेजा ने कहा कि इससे डरने नहीं बल्कि सजगता से कार्य करने की जरूरत है। बीमारी को लेकर सजग रहें। आशंका होने पर अस्पतालों में जाकर टेस्ट करवाएं।

ब्लैक फंगस के लक्षण

  1. चेहरा सुन्न हो जाना। ब्लैक फंगस नाक के जरिये मुंह और जबड़े पर भी हमला करता है। कई मरीजों में देखा गया है कि उनका चेहरा सुन्न हो जाता है। हाथ-पैर सुन्न होना आम बात है लेकिन चेहरा दुर्लभ है। इसलिए ऐसा लग रहा है, तो जांच कराने की जरूरत है।
  2. तेज सिरदर्। कोविड की तरह ब्लैक फंगस भी मुंह और नाक से शरीर में प्रवेश करता है जिससे तेज सिरदर्द हो सकता है। अगर कोविड से रिकवर हो चुके हों, सही से सोए हों और आपका खान-पान भी सही है। इसके बावजूद बिना वजह सिरदर्द महसूस कर रहे हैं तो तुरंत डाक्टर से परामर्श करना चाहिए।
  3. नाक के आसपास काले रंग के धब्बे। चूंकि ब्लैक फंगस नाक से अंदर जाता है इसलिए नेजल के आसपास काले रंग के धब्बे दिखें तो अलर्ट हो जाना चाहिए। ऐसे निशान म्यूकर माइकोसिस के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।
  4. एक साइड सूजा हुआ चेहरा दिखना । ब्लैक फंगस की वजह से चेहरे के किसी एक हिस्से में सूजन दिख सकती है। वैसे चेहरे पर सूजन की कई वजह होती हैं लेकिन सावधानी बरतने की जरूरत है।
  5. दांत का ढीलापन, मसूड़ों में सूजन। बेवजह दांतों में दर्द, मसूड़ों में सूजन भी ब्लैक फंगस का लक्षण हो सकता है। अगर ऐसी समस्या हो रही है तो डाक्टर से सलाह लें।

आंखों की हर बीमारी फंगस नहीं होती

केसीजीएमसी के निदेशक डा. जेसी दुरेजा ने कहा कि सभी आंखों की बीमारी फंगस नहीं होतीं। कोविड महामारी के बाद ब्लैक फंगस का प्रकोप बढ़ रहा है। ऐसे में जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। बीमारी से निपटने के लिए सजगता से कार्य किया जा रहा है। सभी टीम दिन-रात सक्रिय हैं।

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Edited By: Umesh Kdhyani