कैथल, जागरण संवाददाता। तीन कृषि सुधार कानूनों के विरोध में दिल्ली धरने के लिए किसान रवाना हो गए हैं। नेशनल हाईवे तितरम मोड़ पर बड़ी संख्या में किसान इकट्ठा हुए। इस दौरान नेशनल हाईवे पर वाहनों, ट्रैक्टर-ट्रालियों के जमावड़े के चलते जाम की स्थिति पैदा हो गई, लेकिन पुलिस ने एक तरफ की सड़क को खुलवाकर यातायात को निकालना शुरू कर दिया था।

कैथल में नेशनल हाईवे तितरम मोड़ पर एकत्रित हुए किसानों को संबोधित करने और दिल्ली रवाना करने के लिए भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी पहुंचे थे। बैठक की अध्यक्षता होशियार गिल कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं करती है, तब तक धरने प्रदर्शन जारी रहेंगे। सरकार को तीनों कृषि सुधार कानून वापस लेनी चाहिए।

गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर करीब एक साल से बैठे किसानाें के साथ सरकार ज्यादती कर रही है। अभी तक 600 किसान इस आंदोलन में अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन सरकार अपने रवैये से टस से मस नहीं हो रही। जनता ने यह सरकार बनाकर ही गलती की। किसान अब आरपार की लड़ाई के मूड में है और तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा, जब तक कि तीनों कानून निरस्त नहीं हो जाते। उन्होंने कहा कि आंदोलन की अगली रणनीति संयुक्त मोर्चा की कमेटी ही तय करेगी। उन्होंने कहा कि देश भर से किसान एक बार फिर दिल्ली की तरफ कूच कर रहा है।

भाकियू के जिला प्रधान होशियार गिल ने कहा कि किसान किसी भी राजनीतिक दल के विरोध में नहीं है। अगर भाजपा उनकी मांग काे मान लेती है और सरकार यह तीनों कानून रद कर देती है तो उसका भी समर्थन करेंगे। गिल ने कहा कि वीरवार को तितरम मोड़ से बड़ी संख्या में किसान प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में दिल्ली धरने के लिए कूच करेंगे।

Edited By: Anurag Shukla