पानीपत, जेएनएन। पानीपत की 26 वार्डों के लिए हुए चुनाव और मेयर के लिए भाजपा लगातार बढ़त बनाए हुए है। जहां 16 वार्ड में जीत के साथ भाजपा आगे है, वहीं मेयर प्रत्याशी अवनीत कौर भी करीब 20 हजार से ज्यादा वोटों से आगे हैं। भाजपा की इस जीत से कांग्रेसी दिग्गज अपनी प्रतिष्ठा हारते हुए दिख रहे हैं। चुनाव से पहले जीत का दावा करने वाले कांग्रेसी दिग्गज परिणाम आने के बाद विरोध पर उतर आए हैं। जानने के लिए पढ़े दैनिक जागरण की ये खबर।

नगर निगम चुनावों में मेयर और पार्षद पद का परिणाम भाजपा के पक्ष में जाता देख कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच वाक युद्ध शुरू हो गया है। प्रत्याशियों को समर्थन देने वाले विरेंद्र शाह उर्फ बुल्ले ने कहा कि भाजपा की जीत प्री-प्लान है। पहली बार मल्टी फंक्शनल ईवीएम लगाई गई, ताकि गड़बड़ी की जा सके। इसके लिए वे चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाएंगे। 

कांग्रेस ने नहीं दिया किसी को समर्थन
उन्होंने कांग्रेस का सिंबल नहीं होने को हार का कारण मानने से इंकार कर दिया। उधर, हरियाणा कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री बिजेंद्र सिंह कादियान उर्फ बिल्लू ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता पीसी चाको की अध्यक्षता में दिल्ली में बैठक हुई थी। 

यह व्यक्ति विशेष की हार
उन्होंने कहा, प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर पार्टी सिंबल पर चुनाव लड़ाने के पक्ष में थे। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा खेमा इस पक्ष में नहीं था। पार्टी के किसी प्रत्याशी को इन चुनावों में समर्थन भी नहीं दिया गया। उन्होंने विरेंद्र शाह का नाम लिए बगैर कहा कि शहर में मेयर और पार्षद पद पर जिन लोगों ने चुनाव लड़ा, उन्हें व्यक्ति विशेष का समर्थन था। यह कांग्रेस की नहीं बल्कि व्यक्ति विशेष की हार है।

Posted By: Ravi Dhawan

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