कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का बड़ा फैसला, पेपर में कोई पांच प्रश्न करने की छूट, पढ़ें गाइडलाइंस
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने बड़ा फैसला लिया है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रशासन ने पेपर में कोई भी पांच प्रश्न हल करने की छूट दी है। 11 जुलाई से शुरू हो रही यूजी पीजी द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाओं को लेकर गाइडलाइंस जारी की गईंं।

कुरुक्षेत्र, जागरण संवाददाता। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने परीक्षार्थियों के लिए कोई पांच प्रश्न करने का विकल्प देने का फैसला लिया है। कुवि प्रशासन के इस फैसले से कुवि व इससे संबंधित महाविद्यालयों के करीब एक लाख विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा।
इस फैसले के बाद अब 11 जुलाई से शुरू हो रही परीक्षाओं में परीक्षार्थी पांच यूनिट से एक-एक प्रश्न अनिवार्य करने की बजाय कोई भी पांच प्रश्न कर सकेगा। इसको लेकर कुवि की ओर से गाइडलाइंस जारी कर दी है। कुवि के गाइडलाइंस जारी करते ही विद्यार्थियों ने भी राहत की सांस ली है।
गौरतलब है कि कोरोना काल में लागू लाकडाउन के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। गत वर्ष कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय व अन्य महाविद्यालयों में सत्र देरी से शुरू हुआ। ऐसे में परीक्षाएं भी देरी से हुई और दाखिला प्रक्रिया भी प्रभावित हुई। दाखिला प्रक्रिया प्रभावित होने पर परीक्षाओं से पहले पाठ्यक्रम पूरा करना चुनौती बना रहा। ऐसे में कई विषयों में सेमेस्टर की परीक्षाओं के बीच 90 दिन का सत्र पूरा नहीं हो पाया। अब 11 जुलाई से परीक्षाएं शुरू हो रही हैं।
कुवि प्रशासन ने इस बार परीक्षाएं आफलाइन लिए जाने का फैसला लिया है। इसी तरह पहले चले आ रहे नियम के अनुसार पेपर में दी जाने वाली पांच यूनिट में से प्रत्येक में एक प्रश्न करना अनिवार्य किया गया। कुवि की ओर से यह फैसला लिए जाने पर छात्र संगठनों ने प्रत्येक यूनिट से एक प्रश्न अनिवार्य करने की बजाय कोई पांच प्रश्न करने की छूट दिए जाने की मांग की गई।
कोई पांच प्रश्न हल करने का विकल्प देने का लिया फैसला
कुवि के परीक्षा नियंत्रक डा. हुकम सिंह ने कहा कि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के निर्देशानुसार 11 जुलाई से शुरू हो रही परीक्षाओं में विद्यार्थियों को कोई पांच प्रश्न करने का विकल्प दिया गया है। विभिन्न छात्र संगठनों की प्रतिनिधियों की ओर से इसकी मांग की जा रही थी। कुवि ने छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। इसको लेकर गाइडलाइंस जारी कर दी गई हैं। गाइडलाइंस को कुवि के वेबसाइट पर अपडेट करने के साथ-साथ सभी संबंधित विभागों के अध्यक्ष और संस्थानों के निदेशकों को इमेल के माध्यम से भेज दी गई है।

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