कुरुक्षेत्र, जागरण संवाददाता। एम्स नई दिल्ली के कैंसर रोग विशेषज्ञ डा. एमडी रे ने कहा कि बदलती जीवन शैली और बिगड़ती दिनचर्या के चलते कैंसर के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। नियमित व्यायाम और ध्यान के साथ जागरूकता बरतने पर बहुत हद तक कैंसर से बचाव किया जा सकता है। उन्होंने यह बात बुधवार को विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान, यूनिवर्सल यूनिटी ट्रस्ट नई दिल्ली और प्रेरणा संस्था के संयुक्त तत्वावधान में कैंसर से संबंधित बहुस्तरीय मुद्दों पर जागरुकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि देश में पुरुष वर्ग में मुंह का कैंसर तो महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि हम जो सोचते हैं, जो करते हैं और जो खाते हैं, यह तीन चीजें कैंसर को प्रभावित करती हैं। परिवार में किसी को कैंसर हुआ हो तो उसका केवल पांच-10 फीसद ही आगे किसी को यह बीमारी होने का अंदेशा हो सकता है।

इनमें कैंसर की संभावना सबसे ज्‍यादा

उन्होंने कहा कि मांसाहारी होने पर कैंसर की संभावना बढ़ जाती है। भारत में अभी भी एक लाख 20 हजार ओरल कैंसर के रोगी हैं। अगर हम किसी भी रूप में तंबाकू का सेवन बंद कर दें तो 80 फीसद कैंसर से बच सकते हैं। शुरुआती स्तर पर ही कैंसर का पता चल जाए तो इस पर लगभग 95 फीसद तक काबू पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शारीरिक व्यायाम, ध्यान और जागरूकता के माध्यम से कैंसर जैसी बीमारी से बचा जा सकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. सुरेंद्र मेहता ने की। संस्थान के निदेशक डा. रामेंद्र सिंह ने मुख्य वक्ता को स्मृति चिह्न भेंट किया।

इस मौके पर सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र नई दिल्ली के पूर्व निदेशक गिरीश जोशी, जयभगवान सिंगला, संस्थान के शोध निदेशक डा. हिम्मत सिंह सिन्हा, कुवि परीक्षा नियंत्रक डा. हुकम सिंह व चिकित्सक डा. आर ऋषि मौजूद रहे।

इन लक्षणों को हल्‍के में न लें

असामान्य सूजन या कड़ापन

घाव न भरना

लगातार बुखार

अचानक वजन में कमी।

शरीर के किसी एक हिस्‍से में लगातार दर्द रहना

पेशाब करने में दिक्कत।

पेशाब के साथ रक्तस्राव।

आवाज में बदलाव।

स्तन में सूजन, कड़ापन या खिंचाव।

इन चीजों से दूर रहें

फास्ट फूड

पान मसाला और तंबाकू का सेवन।

शराब, सिगरेट, बीड़ी या हुक्का पीना।

कृत्रिम रंगों (बेंजीन) के सेवन से।

Edited By: Anurag Shukla