रोहतक, जागरण संवाददाता। हरियाणा, चंडीगढ़ व पंजाब की सभी बार एसोसिएशन के चुनाव 17 दिसंबर को होंगे। पहली दफा सभी बार में एक ही दिन चुनाव करवाए जा रहे हैं। जींद बार एसोसिएशन ने बड़ा फैसला लेते हुए पहली बार चारों पदों पर चुनाव लड़ने वाले वकीलों के लिए फीस निर्धारित कर दी है। खास बात यह है कि यह फीस नान रिफंडेबल होगी। नामांकन के साथ ही यह फीस भरनी होगी, जो एडवोकेट वेलफेयर फंड में जमा होगी।

एक से तीन दिसंबर तक प्रत्याशी कर सकेंगे नामांकन

दरअसल, चंडीगढ़ सहित पंजाब व हरियाणा की बड़ी बार में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए फीस निर्धारित है। लेकिन जींद में अभी तक किसी प्रत्याशी से कोई फीस नहीं ली जाती है। इस बार रिटर्निंग अाफिसर बलबीर सिंह ढुल की अध्यक्षता में बनी सात सदस्यीय चुनाव समिति ने रेजुलेशन पास करके चुनाव लड़ने वाले सभी पदों के लिए प्रत्याशियों की अलग-अलग फीस निर्धारित कर दी है। प्रधान पद का चुनाव लड़ने वाले को 20 हजार रुपये, उपप्रधान के लिए 10 हजार, सचिव के लिए 15 हजार और सहसचिव के लिए 5 हजार रुपये फीस रखी है। बार के ज्यादातर वकीलों ने इस फैसले का स्वागत किया है।

लेकिन चुनाव लड़ने के इच्छुक कुछ वकीलों को यह फैसला रास नहीं आ रहा है और वे दबे मुंह इस फैसले की आलोचना कर रहे हैं। बार के कुछ सीनियर वकीलों का कहना है कि चुनाव लड़ने वालों के लिए फीस निर्धारित करना अच्छा फैसला है। क्योंकि कुछ वकील सिर्फ अपना नाम चमकाने के लिए नोमिनेशन कर देते थे और वे चुनाव लड़ने के लिए गंभीर नहीं होते थे। एडवोकेट वेलफेयर फंड में यह राशि जमा होगी। यह फंड से वकीलों को मेडिकल क्लेम, डेथ क्लेम व किसी जरूरतमंद वकील की मदद की जाती है।

बार परिसरों में गहमागहमी शुरू

जींद, नरवाना व सफीदों में बार एसोसिएशन के चुनाव के लिए गहमागहमी शुरू हो गई है। कई वकीलों ने वोट भी मांगने शुरू कर दिए हैं और वकीलों के घर-घर जाकर व बार काम्प्लेक्स में वोट मांगे जा रहे हैं। कई वकील हर रोज आनलाइन ग्रुपों पर भी पंफलेट डालकर वोट की अपील कर रहे हैं। जींद में पिछली बार राजेश गोयत प्रधान, हेमंत सुखीजा उपप्रधान, दिलबाग नायडू सचिव व विनोद श्योकंद संयुक्त सचिव के पद पर विजयी हुए थे।

जींद में 888 वकील डालेंगे वोट

जींद बार में इस बार वोट डालने वाले वकीलों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। पिछली बार 781 वोट थे, जबकि इस बार इनकी संख्या बढ़कर 888 हो गई है। एक वकील से हर महीने का 100 रुपये यानि सालभर का 1200 रुपया चंदा लिया जाता है। जिन वकीलों ने चंदा राशि जमा करा दी है, उन सबकी वोट बना दी है और चंदा न देने वाले करीब 100 वकीलों की वोट काट दी गई है। इस बार करीब 80 नए वकीलों की वोट भी बनी हैं।

यह रहेगा चुनाव का शेड्यूल

नोमिनेशन: एक से तीन दिसंबर तक

नाम वापसी: 6 दिसंबर को

छंटनी: 7 दिसंबर

चुनाव: 17 दिसंबर

मतगणना: चुनाव के तुरंत बाद

Edited By: Naveen Dalal