जागरण संवाददाता, पानीपत

जमीन का इंतकाल करने के नाम पर 25 लाख रुपये हड़पने का आरोपित सिपाही, डीसी के पूर्व गनमैन वीरेंद्र की एडीजे चंद्रशेखर ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपित सिपाही डर के कारण सीआइए-वन के समक्ष जांच के लिए पेश नहीं हुआ था।

बता दें कि चरखी दादरी के वार्ड-2 निवासी अनिल कुमार ने एसपी को शिकायत दी थी कि उसने जमीन का एग्रीमेंट इसराना तहसील में कर रखा है। इस जमीन की 2016 में कोर्ट से डिग्री हो चुकी है, इंतकाल कराना था। 22 अप्रैल 2019 को डीसी के गनमैन करनाल के शेरगढ़ टापू निवासी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि इंतकाल की सरकारी फीस बढ़ चुकी है। इंतकाल दर्ज कराने का झांसा देकर वीरेंद्र ने उससे 24 लाख रुपये ले लिए। 27 जुलाई 2019 को आरोपित उससे एक लाख रुपये भिवानी से ले गया। आरोपित ने सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। कोर्ट ने एक अक्टूबर को उसे सशर्त अंतरिम जमानत देते हुए आदेश दिया कि वह जांच में शामिल होगा। 4 अक्टूबर 2019 को वह सीआइए-वन के समक्ष जांच में शामिल हुआ था, वहां उसने आत्महत्या का प्रयास किया था। हालांकि, आरोपित विरेंद्र ने सीआइए-वन पर हाथ तोड़े जाने का आरोप लगाया था।

कोर्ट ने 9 अक्टूबर को दोबारा जांच में शामिल होने के आदेश दिए। पूछताछ के दो घंटे बाद वह अपने वकील से मिल सकता है। आरोपित सिपाही 11 अक्टूबर सहित अन्य तारीखों पर जांच में शामिल नहीं हुआ। इसी आधार पर एडीजे कोर्ट ने 14 अक्टूबर को उसकी जमानत खारिज कर दी है।

Posted By: Jagran

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