जागरण संवाददाता, पानीपत : जिस बाबुल के घर से 10 दिसंबर को बेटी की डोली उठनी है, कोरोना संक्रमण ने एकाएक उस साये को ही अपना ग्रास बना लिया। बेटी ने मां के माथे का सिदूर पोंछा, कलाइयों से चूड़ियां भी उतारीं। दोनों की आंखों से झर-झर बह रहे आंसू चीत्कार से कहीं ज्यादा थे। मां को सांत्वना देते हुए बेटी ने पिता की चिता को मुखाग्नि भी दी।

मूल रूप से पटना (बिहार) के निवासी 50 वर्षीय बैंक मैनेजर अपनी पत्नी और इकलौती बेटी के साथ सेक्टर-12 में रहते थे। बेटी किसी दूसरे शहर में रहकर बीडीएस का कोर्स कर रही है, फिलहाल घर आई हुई है। बैंक कर्मी को बुखार और सांस में तकलीफ के कारण 21 नवंबर को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 26 नवंबर को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई और उसी दिन रात्रि करीब 11:55 बजे मरीज की मौत हो गई।

नगर निगम और जनसेवा दल की टीम ने मृतक का अंतिम संस्कार किया, इकलौती बेटी ने मुखाग्नि दी। कोरोना संक्रमण का खौफ देखें कि शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने वाले पड़ोसी-परिचित साथ नहीं खड़े दिखे। मां-बेटी दोनों एक-दूसरे को सहारा देती रहीं। पिता के जाने के गम में दुखी बेटी एक ही बात कह रही थी कि बाबुल के अरमान उनके साथ चले गए।

बैंक को भी तीन दिन के लिए बंद किया गया है। इनके अलावा कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए अमर भवन चौक निवासी 55 वर्षीय और सेक्टर-18 वासी बुजुर्ग का भी अंतिम संस्कार किया गया है। हालांकि, विभाग से कोरोना से मौत की पुष्टि नहीं की है। 46 कोरोना संक्रमित, 29 डिस्चार्ज :

सेक्टर-12 के वासी बैंककर्मी की मौत के अलावा शुक्रवार को 46 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। स्वस्थ होने पर 29 को डिस्चार्ज किया गया है। सिविल सर्जन डा. संतलाल वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को 758 सैंपल लिए गए हैं। जिले में कुल पॉजिटिव 9249 केसों में से 541 एक्टिव हैं। छह मरीज लापता हैं। अभी तक 125 मौत हो चुकी हैं।

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