जागरण संवाददाता, पानीपत : नकली शराब बनाने के मामले में नामजद युवक को बचाने के लिए उसके परिचितों ने गांव के ही ऑटो चालक जोनी का शुक्रवार को कार सहित अपहरण कर लिया। आरोपित जोनी को उठाकर जबरन गोहाना और आहुलाना सोनीपत में ले गए। वहां उससे कई कोरे कागजों और वकालतनामे पर हस्ताक्षर कराए। आरोपितों ने जान से मारने की धमकी देकर उसे जाटल रोड पर छोड़ दिया। पीड़ित ने फोन करके आपबीती बड़े भाई अशोक को बताई। घर लौटने की बात कही, लेकिन कुछ देर बाद ही उसका फोन स्विच ऑफ हो गया।

महराणा गांव के पिकअप चालक अशोक ने बताया कि उसका छोटा भाई जोनी सेक्टर 29 स्थित एक प्राइवेट फैक्ट्री में लोडिग वाला ऑटो चलाता है। लगभग चार-पांच माह पहले पुलिस ने गांव में ही आशीष के गोदाम में छापेमारी की थी। पुलिस ने उक्त गोदाम से 205 पेटी नकली शराब, एक कैंटर और शराब बनाने की मशीनें पकड़ी थी। इस मामले में आशीष और जॉनी सहित कई अन्य साथियों को नामजद किया गया। दोनों तभी से फरार है। जोनी शुक्रवार को करनाल से वैगन आर कार में घर आया था। रात 8 बजे कार में जॉनी अपने दोस्त मोनू निवासी हडताड़ी से मिलने जा रहा था। हडताड़ी मेन चौक के पास दो बाइकों और एक गाड़ी में सवार रतन, उसके भाई पप्पा, बेटे लाला, नीरज, बदलू और फौजी ने उसे घेरकर रोक लिया। दो आरोपित पिस्तौल के बल पर जबरन उसके साथ कार में बैठ गए और उसका अपहरण कर लिया। ये है कागजातों पर साइन करवाने की वजह

अशोक ने बताया कि आरोपित नकली शराब बनाने के मामले में नामजद परिवार के ही आशीष को बचाने के लिए जॉनी को मोहरा बना रहे हैं। आरोपितों ने जान-बूझकर जॉनी से कोरे कागजातों और वकालतनामे पर साइन कराए ताकि भविष्य में आशीष बच सके। जॉनी के साथ अनहोनी का सता रहा डर

स्वजनों ने बताया कि शनिवार को आरोपितों ने जॉनी को जाटल रोड पर छोड़ दिया। लेकिन अभी तक वह घर नहीं लौटा। फोन बंद होने के कारण उन्हें जॉनी के साथ अनहोनी का डर सता रहा है। आशंका है कि आरोपित दोबारा भी किसी अपराधिक वारदात को अंजाम दे सकते है। वर्जन

आरोपितों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

श्रीभगवान, थाना प्रभारी, इसराना।

Posted By: Jagran

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