अंबाला, जागरण संवाददाता। शराब तस्करी का ट्रांजिट पाइंट अंबाला बन चुका है। मिलावटी शराब बनाने की फैक्ट्री खोलनी हो या फिर अंतरराज्यीय स्तर पर शराब तस्करी करनी हो। इसके लिए अंबाला हब बन चुका है। पिछले दिनों गब्बर ने बड़ी मछलियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए बड़े अधिकारियों की देखरेख में टीम का गठन किया था, जिसका रिजल्ट भी देखने को मिला। मध्य प्रदेश से ईएनए फैक्ट्री और चंडीगढ़ की शराब फैक्ट्री के मालिक तक कानून के लंबे हाथ पहुंचे।

अभी इस प्रकरण को लोग भूले भी नहीं थे कि एक और बड़ा मामला मोहड़ा में सामने आ गया। इसका पर्दाफाश करने में पंजाब पुलिस की मोहाली पुलिस ने भूमिका अदा की, लेकिन जड़ तक पहुंचने के लिए अंबाला पुलिस ने भी एक मुकदमा दर्ज कर लिया। अब इस खेल में भी बड़ी मछलियों का नाम उछला है। देखना है कि इनको सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए कितना समय लगेगा।

अंबाला के मोहड़ा से बरामद अवैध शराब। 

खाद में खेल खुल ही गया

किसान पहले ही खाद को लेकर परेशान थे और इसकी कालाबाजारी का खेल भी खुल ही गया। अभी पांच सौ बैग की कालाबाजारी का मामला सामने आया है और हो सकता है कि ऐसा ही कुछ और भी सामने आ जाए। खैर अभी तो पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू की है। अब जांच में क्या होगा, इसका पता नहीं, लेकिन किसानों के लिए इस सीजन में खाद हासिल करना मुश्किल है। अब विपक्ष भी इसी पर अपने आंखें टेढ़ी भी कर रहा है। अभी कृषि विभाग ने अपनी प्रारंभिक स्तर पर छानबीन में तो कहा है कि 500 बैग अन्य राज्यों को निकाले गए हैं। यह खेल किस स्तर पर खेला जा रहा है, कहा नहीं जा सकता, लेकिन लग रहा है कि इस में और छानबीन की जाए तो कुछ और मामले सामने आ सकते हैं। हालांकि कृषि विभाग तीन फर्मों के लाइसेंस सस्पेंड कर चुका है।

ये साहब तो काफी चर्चा में हैं

इन दिनों अंबाला कैंट के ये साहब काफी चर्चा में हैं। अब इनसे नाराज लोग कभी आफिस में तो कभी विज के आवास पर अपनी नाराजगी जताते हैं। यही नहीं एक महिला कर्मचारी ने भी इन साहब पर आरोप जड़ दिए। साहब तो सुर्खियों में हैं, जबकि यह मामले काफी चर्चा में हैं। अब आगे क्या होगा, कह नहीं सकते, लेकिन लोगों में यह मामले काफी चर्चित रहे। पहले तो महिला ने इन साहब पर अभद्रता का आरोप मढ़ दिया। यह मामला अभी शांत ही हुआ था कि डीसी कार्यालय के कर्मचारी साहब के व्यवहार को लेकर प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज के दरबार में शिकायत करने पहुंच गए। चलो यह सब भी हाे गया। लेकिन बीते दिनों तो इन साहब के कार्यालय में ही जमकर हंगामा हो गया। मामला रजिस्ट्री न होने को लेकर जुड़ा था, लेकिन लोग जब भड़क गए, तो यह साहब भी ठंडे हो गए।

प्राेजेक्टों की राशि बढ़ी, सड़क पर उतरे एडीसी

इन दिनों अंबाला कैंट में कई विकास कार्य चल रहे हैं। लाखों ही नहीं करोड़ों की लागत है इन प्रोजेक्ट की। लेकिन चुपके से अधिकारियों ने इनकी प्रोजेक्ट कास्ट बढ़ा दी। अब मामला तो बड़े साहब के संज्ञान में आना ही था। सारी डिटेल और कागजात लेकर सड़कों पर उतर आए। नगर परिषद के अधिकारियों को भी साथ ले लिया। एक-एक प्रोजेक्ट पर जानकारी ली और नोट किया। बताया यह भी जा रहा है कि जितने के प्रोजेक्ट थे, उससे अधिक कीमत का कार्य करवा लिया गया। मंजूरी इसकी ली नहीं गई, जबकि अब पेमेंट की बात आई तो मामला लटक गया। डीसी साहब ने भी इसे हल्के में न लेते हुए तुरंत ही एक्शन ले लिया। मामला जिला स्तर ही नहीं बल्कि उच्चाधिकारियों तक भी पहुंच गया। बताते हैं कि मुख्यालय से भी एक टीम कभी भी कैंट आकर इन प्राेजेक्टों की कास्ट को लेकर जांच कर सकती है।

Edited By: Rajesh Kumar