पानीपत/करनाल, जेएनएन। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि मौजूदा सरकार दिशाहीन है और सरकार के मंत्रियों के बयान भी अलग-अलग आते हैं। कोई तो कहता है कि धान घोटाले की जांच होनी चाहिए और कोई मंत्री कहता है कि कोई घोटाला नहीं हुआ। हम यह कह रहे हैं कि सीबीआइ जांच करा दो। माइनिंग से संबंधित सवाल पर कहा कि सीबीआइ या हाई कोर्ट के किसी जज से माइनिंग घोटाले की जांच कराई जाए, जांच तो कराओ। लोग सवाल उठा रहे हैं और प्रजातंत्र में सबका अधिकार भी बनता है, लेकिन सरकार जांच क्यों नहीं करा रही है? ये तो सरकार के लोग ही बता सकते हैं। 

वे पूर्व मंत्री भीमसेन मेहता के आवास पर कार्यकर्ताओं से बात कर रहे थे। दाल में काला है। ऐसी स्थिति क्यों आई, जब हम शुरू से कह रहे हैं, यदि यह सरकार उसी समय सतर्क हो जाती और अपनी जिम्मेदारी निभाती तो यह स्थिति नहीं बनती। अभी तक सरकार का कॉमन मिनिमम प्रोग्राम भी नहीं आया है। इससे नहीं पता चलता कि किस दिशा में यह सरकार जाएगी। यह अलग-अलग सोच के लोगों का गठबंधन हुआ है।

उन्होंने कहा कि पिछले आठ महीने में खाद के भाव 24 फीसद बढ़ गए हैं। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकाल में डीजल का वैट नौ प्रतिशत था और अब यह सरकार 18 प्रतिशत लगा रही है। मंहगाई को कंट्रोल में रखने के लिए सबसे बड़ी मार किसानों पर पड़ रही है। 

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि ब्लॉक और जिलास्तरीय कमेटियों के गठन के लिए प्रक्रिया 1 जनवरी से शुरू हो जाएगी और यह कार्य मार्च तक पूरा हो जाना चाहिए। इस मौके पर पूर्व मंत्री भीमसेन मेहता, पूर्व विधायक सुमिता सिंह, कर्मसिंह खानपुर, मंजीत गोल्डी, जसबीर पूर्व सरपंच, शमशेर सिंह मौजूद थे।

Posted By: Anurag Shukla

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