कुरुक्षेत्र, जागरण संवाददाता। कोरोना की दूसरी लहर जाने के बाद सब कुछ सामान्य होने लगा है। ऐसे में अब होटल उद्योग भी उबर गया है। आज के समय में रोजगार काे लेकर चिंतित युवा होटल क्षेत्र में अपना भविष्य उज्जवल बना सकते हैं। इसके साथ स्वरोजगार भी स्थापित कर सकते हैं।

दैनिक जागरण के ब्यूरो प्रभारी जगमहेंद्र सरोहा ने कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर स्थित इंस्टीट्यूट आफ होटल मैनेजमेंट (आइएचएम) के प्रिंसिपल पवन कुमार गुप्ता से बातचीत। उन्होंने पांच फरवरी 2021 को यहां बतौर प्रिंसिपल ज्वाइन किया है। पेश है बातचीत के कुछ अंश।

सवाल : आज युवाओं के सामने रोजगार की बड़ी चुनौती है। वे ट्रेडिशन पढ़ाई के अलावा क्या कर सकते हैं?

जवाब : आपने बिलकुल सही कहा। आज युवाओं के सामने रोजगार बड़ी चुनौती है। इससे बड़ी बात कालेजों में दाखिला भी नहीं मिल पाना है। युवा होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर सकते हैं।

सवाल : होटल उद्योग को कोरोना के दौरान सबसे बड़ा झटका लगा था, क्या इस क्षेत्र में भविष्य निहित है?

जवाब : कोरोना की दूसरी लहर के बाद होटल उद्योग उबर गया है। इसमें भविष्य निहित है। युवा अपने जिले, प्रदेश व देश के अलावा विदेश में भी नौकरी कर सकते हैं।

सवाल : डिप्लोमा कोर्स कौनसे विषय में कर सकते हैं?

जवाब : डिप्लोमा कोर्स फूड प्रोडक्शन, बैकरी एंड कंफैक्शनरी व फूड एंड वेवर्स सर्विसिज विषय में कर सकते हैं।

सवाल : डिप्लोमा कोेर्स के अलावा क्या कोई छोटा कोर्स भी कर सकते हैं?

जवाब : भारत सरकार से कौशल विकास के लिए हुनर से रोजगार प्रायोजित पाठ्यक्रम है। इसमें निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके साथ वर्दी और दाेपहर का भोजन भी दिया जाता है।

सवाल : क्या, हुनर से रोजगार निशुल्क कोर्स के बाद रोजगार या स्वरोजगार की कोई संभावना है।

जवाब : इसमें युवाओं को निर्धारित घंटों का प्रशिक्षण दिया जाता है। वे इसके बाद चाकलेट या केक बनाने का काम शुरू कर सकते हैं।

सवाल : आइएचएम में दाखिला कैसे ले सकते है?

जवाब : डिग्री कोर्स में 136 सीट हैं। इन पर दाखिला प्रक्रिया चल रही है। रिक्त सीटों पर संस्थान के स्तर पर दाखिला दिया जाएगा।

सवाल : आइएचएम में कई कोर्स होते हैं। क्या सभी में दाखिला दिया जा रहा है?

जवाब : नहीं, इस बार केवल फूड प्रोडेक्शन कोर्स ही चलाया जा रहा है। 12वीं कक्षा के बाद आवेदन किया जा सकता है।

Edited By: Naveen Dalal