पानीपत/करनाल, जेएनएन। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ओर से शहर में चल रहे विकास कार्यों को लेकर जिले सभी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसी में उत्तर प्रदश को जाने वाला मेरठ रोड प्रोजेक्ट भी है। सीएम की घोषणा के दो साल बाद भी जमीन उपलब्ध न होने के कारण यह प्रोजेक्ट पहले ही देरी की पालना कर चुका है। किसी तरह जमीन उपलब्ध होने के बाद अब जब कार्य को गति मिली है तो पेड़ कटाई कार्य को पूरा नहीं किया जा सका है। इधर सड़क निर्माण न होने के कारण दोनों तरफ मिट्ठी खोद दी गई है जोकि हादसों का कारण बना हुआ है।

बसंत विहार से इंद्री रोड को निकलने वाली सड़क भी अध में

इसी तरह मुख्यमंत्री द्वारा पिछले वर्ष की गई घोषणा आइटीआइ रोड स्थित बसंत विहार से इंद्री रोड को निकलने वाली सड़क की घोषणा पर अभी प्रशासन केवल फाइलों के पन्ने पलटने में लगा हुआ है। यही नहीं कैथल हाईवे पर अभी भी काम काम चल रहा है और कुंजपुरा रोड, इंद्री रोड के अधूरे निर्माण कार्य इस धुंध में खतरनाक साबित हो रहे हैं। डिवायडरों का निर्माण दो साल से लटका हुआ है। दूसरी तरफ काछवा पुल रोड की रिपेयर तीन माह से अधर में छोड़ दी गई है।

प्लान के तहत कार्यों में तेजी के निर्देश

उपायुक्त की ओर से मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को समय से सिरे चढ़ाने के लिए सरकारी बाबुओं पर शिकंजा कसने की तैयारी की है। इस संबंध में बेश्क पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों को सड़क सुरक्षा बैठक में कई बाद दिशा-निर्देश दिए गए हैं लेकिन अब उपायुक्त सख्त मूड में हैं। इसी श्रृंखला में कुटेल में मेडिकल यूनिवर्सिटी, घरौंडा में राजकीय कालेज और आइटीआइ के निर्माण का दौरा भी कर चुके हैं। उपायुक्त निशांत कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं को लेकर लेटलतीफी पर अधिकारियों से सख्ती से निपटने की तैयारी की गई है। इस संबंध में प्लान के तहत कार्यों में तेजी लाने के दिशा निर्देश दिए गए हैं। सभी प्रोजेक्ट की समीक्षा रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है। उन्होंने ने कहा है कि निर्धारित अवधि में कार्य न होने की स्थिति में लापरवाह रवैया अपनाने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

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