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जागरण संवाददाता, पानीपत : एनजीटी के आदेश के बाद जिले के रंगाई उद्योग को बचाने के लिए उद्यमियों ने आवाज उठाई है। मंगलवार को बैठक कर पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) पर देशभर में समान कानून लाने की मांग की है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सख्ती के बाद खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। उद्यमी पीएनजी को अपनाते हैं तो माल 20 से 30 रुपये प्रति किलो महंगा हो जाएगा। ऐसा नहीं करते हैं तो सीपीसीबी 15 दिन में उद्योगों को ताला जड़ देगा।

उद्यमियों ने साफ किया कि सरकार आगे नहीं आई तो टेक्सटाइल नगरी का रंगाई उद्योग बंद हो जाएगा। यहां का सारा व्यापार लुधियाना और सूरत चला जाएगा। उद्यमियों के साथ लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे।

पानीपत डायर्स एसोसिएशन ने मंगलवार को होटल डेज में आपात बैठक बुलाई। इसमें डोमेस्टिक और एक्सपोर्ट बाजार पर चर्चा हुई। प्रधान भीम राणा ने कहा कि सरकार ने गत वर्ष ही पैटकॉक को बंद कर इंडोनेशियाई कोयला लागू किया था। उन्होंने लाखों रुपये खर्च कर सिस्टम को स्थापित किया। अभी उसकी लागत मूल्य को भी निकल पाई है। अब पीएनजी कनेक्शन लेना मजबूरी हो गया है। सरकार पीएनजी को पूरे देश में लागू करे। एसोसिएशन जल्दी ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलेगी। उद्यमी राजेश जैन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में खरीदार अभी से माल की क्वालिटी गारंटी मांग रहा है। उद्यमियों के सामने माल समय पर देने की शर्त रखी जा रही है। महेंद्र गुप्ता ने बताया कि चीन में क्वालिटी और देश में शेड पर जोर दिया जाता है। इसी के कारण रंगाई उद्योग को बचत नहीं हो पाती। नितिन अरोड़ा ने बताया कि सूरत में पहले कोयले से पीएनजी लागू की थी, लेकिन वहां पर कामयाब नहीं हो पाई। फैसला लागू करने से पहले पिछले उदाहरणों पर मंथन जरूर होना चाहिए। मझधार में उद्योग, पीएनजी अपनाए तो भी, न अपनाए तब भी मुसीबत

पीएनजी अपनाते हैं तो बढ़ेगी लागत

पीएनजी लगाने पर एक यूनिट को 50 लाख से दो करोड़ रुपये तक खर्च करना पड़ेगा। 10-15 लाख रुपये में इसका स्टेशन बनेगा। पैटकॉक से कोयला पर लाने में पांच रुपये प्रति किग्रा. रेट बढ़ गया था। अब 20-30 रुपये किलो बढ़ जाएगा। यह 75 से 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाएगा। मार्केट में कोई भी इतना रेट देने को तैयार नहीं है। दिल्ली का उद्योग लुधियाना या सूरत में काम कराना शुरू कर देगा। अभी यहां के रेट में एक से दो रुपये का ही अंतर है। पीएनजी नहीं अपनाते हैं तो सीपीसीबी कर देगा बंद

रंगाई उद्यमी पीएनजी को नहीं अपनाते हैं तो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ताला लगा देगा। इसके लिए 15 दिन का समय दिया गया है। पानीपत में करीब 600 डाइंग के उद्योग हैं। इसके साथ टेक्सटाइल की करीब 11 हजार इंडस्ट्री प्रभावित होंगी। रंगाई उद्योग के अकेले एक लाख और पूरी इंडस्ट्री के पांच लाख लोग बेरोजगार हो जाएंगे। उद्यमी भी लुधियाना और दूसरे शहरों में जाने को मजबूर होंगे। उद्यमियों की ये हैं मांग

-सरकार पीएनजी के लिए बॉयलर और बर्नर लगाने पर सब्सिडी दे।

-पीएनजी पर गुजरात की तर्ज पर सब्सिडी दी जाए।

-पूरे देश में पीएनजी को लागू किया जाए।

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Posted By: Jagran

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