जींद, [कर्मपाल गिल]। हरियाणा की राजनीति में जींद का खास स्थान रहा है। यही कारण है कि इसे हरियाणा की राजनीतिक राजधानी भी कहा जाता है। जींद जिला पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की कर्मस्थली रहा है। जींद से चौटाला परिवार का खास कनेक्‍शन रहा है। देवीलाल ने भी जींद से ही अपने राजनीति अभियानों का शुरूआत की और ओमप्रकाश ने भी इसी जिले को अपनी राजनीति का केंद्र बनाया। चौटाला परिवार ने अपनी राजनीतिक शुरूआत भी यहीं से की। यहां तक की ओमप्रकाश चौटाला के पोते दुष्‍यंत चौटाला ने भी अपनी पार्टी जननायक जनता पार्टी का गठन भी यहीं से किया। ऐसे में कल होनेवाली रैली से इनेलो अपनी खो चुकी सियासी जमीन फिर से हासिल करने की उम्‍मीद कर रही है।

23 मार्च 1986 को चौधरी देवीलाल ने जींद के हुडा ग्राउंड में समस्त हरियाणा सम्मेलन रैली करके न्याय युद्ध की शुरुआत की थी। उस रैली में हरियाणा की राजनीति में नया इतिहास रच दिया था। पूरे हरियाणा से लाखों की संख्या में लोग रैली में पहुंचे थे। पुराने समय के बुजुर्ग बताते हैं कि जब रैली खत्म हुई, उस समय भी जींद आने वाले लोगों की 20 किलोमीटर तक लाइन लगी हुई थी। लाखों लोग जींद शहर में थे और लाखों लोग रास्तों में फंसे हुए थे।

जींद में रैली के मंच का निरीक्षण करते अभय सिंह चौटाला। (जागरण)

इस न्याय युद्ध के बाद हरियाणा की राजनीति में इतना बड़ा परिवर्तन आया कि अगले ही साल 1987 में हुए चुनाव में चौधरी देवीलाल बड़े बहुमत के साथ सत्ता में आए थे। उस चुनाव में चौधरी देवीलाल के जनता दल और भाजपा गठबंधन को 90 में से 85 सीटें मिली थी। चौधरी देवीलाल का लगाया लोकदल रूपी पौधा बाद में इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) बन गया। बीते विधानसभा चुनाव से पहले इनेलो दोफाड़ हो गया था।

देवीलाल के पोते अजय चौटाला और पड़पोते दुष्‍यंत चौटाला ने अपनी नई जननायक जनता पार्टी (JJP) बना ली थी। अब छोटे पोते अभय चौटाला की अगुआई में इनेलो आगे बढ़ रहk है। विधानसभा चुनाव में बेशक इनेलो एक सीट पर सिमट गई थी, लेकिन अभय पूरे आत्मविश्वास के साथ कहते हैं कि अगले चुनाव में प्रदेश की सियासी तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। इनेलो के कार्यकर्ता बहकावे में आकर दूसरी पार्टी में चले गए थे, अब वे दोबारा इनेलो में वापस आ रहे हैं।

जींद में रैली स्‍थल का अवलोकन करते अभय सिंह चौटाला। (जागरण )

अभय चौटाला का कहना है कि पार्टी अब प्रदेशभर में अपना संगठन मजबूत करने के लिए जोर लगी रही है। अभय चौटाला के बड़े बेटे कर्ण चौटाला भी पिता व दादा ओमप्रकाश चौटाला के साथ सियासी मैदान में सक्रिय हो गए हैं। अभय कहते हैं कि चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के जेल से आने के बाद पार्टी का जनाधार लगातार बढ़ रहा है। जींद जिला चौधरी देवीलाल ही नहीं, चौधरी ओमप्रकाश चौटाला की भी कर्मभूमि रही है। वह जींद जिले के नरवाना और उचाना हलके से विधायक रहे हैं। अब वह तीसरे मोर्चा बनाने के लिए देशभर के बड़े नेताओं को एक मंच पर लाने के लिए जुटे हुए हैं। जींद रैली में तीसरे मोर्चे की नींव रखी जाएगी।

देवेगौड़ा, बादल व राकेश टिकैत करेंगे शिरकत

जींद की नई अनाज मंडी में 25 सितंबर को होने वाली रैली में देश भर से कई बड़े नेता शामिल होंगे। ये नेता अपने राज्यों में किसानों के सबसे बड़े प्रतिनिधि के तौर पर जाने जाते हैं। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल, उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव, जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारूख अब्दुल्ला, टीएमसी से यशवंत सिन्हा, आंध्रप्रदेश से पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू और जनता दल यू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी भी शिरकत करेंगे। किसान आंदोलन को नई दिशा देने वाले संयुक्त किसान मोर्चे के नेता राकेश टिकैत भी इनेलो के मंच पर मौजूद रहेंगे।

देवीलाल की मूर्ति के बहाने जजपा पर वार

इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला जेजेपी पर हमला बोलने का कोई मौका नहीं चूकते। अब उन्होंने जेजेपी की उस घोषणा पर तीखा वार किया है, जिसमें जेजेपी ने कहा है कि वह नूंह के गांव हिलालपुर में चौधरी देवीलाल की सबसे बड़ी आदमकद प्रतिमा लगाएगी।

अभय सिंह चौटाला ने कहा कि चौधरी देवीलाल का कद इतना छोटा नहीं है कि उनकी प्रतिमा नूंह के किसी गांव में लगे। चौधरी ओमप्रकाश चौटाला ने संसद भवन में चौधरी देवीलाल की प्रतिमा लगवाई थी। अब जेजेपी को चौधरी देवीलाल की प्रतिमा लगानी है तो वह चंडीगढ़ सचिवालय में लगवाए या विधानसभा में लगवाए। बता दें कि पूर्व सांसद डा. अजय सिंह चौटाला ने कहा है कि नूंह के गांव हिलालपुर में चौधरी देवीलाल की हरियाणा की सबसे बड़ी प्रतिमा निर्माणाधीन मुंबई एक्सप्रेस-वे के नजदीक 25 सितंबर को लगाई जाएगी।

Edited By: Sunil Kumar Jha