करनाल, जागरण संवाददाता। Haryana Weather Update News: मौसम विभाग ने दक्षिण-पश्चिमी मानसून 2021 की विदाई तय समय से देरी से होने की संभावना जताई है। हरियाणा से मानसून की विदाई 25 सितंबर को संभव हो सकती है। फिलहाल 21 व 22 सितंबर को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की तेज बरसात होगी। मौसम विज्ञानियों की मानें तो अगले तीन घंटों में हरियाणा के अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, पानीपत, कैथल, करनाल में हवाओं और गरज के साथ बारिश की संभावना है। इस समय मानसून वापसी की परिवर्तनशीलता भी बड़ी है।

मानसून की शुरुआत वास्तविक समय के आधार पर, जबकि अंत हमेशा पूर्वव्यापी होती है। वर्ष 2019 में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 09 अक्टूबर को देर से वापसी शुरू की और 17 अक्टूबर को 8 दिनों के सबसे कम रिकार्ड समय में पूरा हुआ। पिछले वर्ष 2020 के दौरान यह प्रक्रिया 28 सितंबर को फिर से देर से शुरू हुई और देरी से वापसी ने 2021 के साथ लगातार तीसरी बार उसी चरण का अनुसरण किया। 15 अक्टूबर तक दक्षिण प्रायद्वीप से वापसी की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूरी हो जाती है। यह 20 अक्टूबर से संभावित रूप से पूर्वोत्तर मानसून की शुरुआत का भी समय है।

जानिये कैसे होती है मानसून की वापसी

मौसम विभाग के मुताबिक वापसी से पहले वायुमंडलीय स्थितियों में एक दृश्य परिवर्तन होना चाहिए। इस क्षेत्र में बरसात मोटे तौर पर बंद होनी चाहिए और हवा के पैटर्न को उत्तर-पश्चिम में सूखने के लिए उलटना होगा। ज्यादातर धूप वाले दिनों के साथ नमी में गिरावट ऐसी गतिविधियों के लिए एक आदर्श बन जाती है। कम से कम एक या दो सप्ताह के लिए दिन के तापमान में वृद्धि, गर्मियों के मौसम जैसी स्थितियां बना देता है।

इस समय देशभर में यह बना हुआ है मौसमी सिस्टम

एक कम दबाव का क्षेत्र तटीय ओडिशा के उत्तरी भाग और आसपास के क्षेत्र पर बना हुआ है। संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 5.8 तक फैला हुआ है। मानसून की टर्फ अब जैसलमेर, कोटा, गुना, सतना, जमशेदपुर, कम दबाव वाले क्षेत्र के केंद्र और फिर दक्षिणपूर्वी दिशा में होते हुए उत्तरपूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर जा रही है। एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र राजस्थान और आसपास के क्षेत्र पर बना हुआ है। पूर्वी राजस्थान पर बने चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र से एक टर्फ रेखा गुजरात होते हुए पूर्वोत्तर अरब सागर तक जा रही है। आंतरिक तमिलनाडु से होते हुए आंतरिक कर्नाटक से कोमोरिन क्षेत्र तक एक टर्फ रेखा फैली हुई है। तमिलनाडु के दक्षिणी तट पर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

हरियाणा, दिल्ली व एनसीआर में दो दिन हल्की से मध्यम बरसात

मौसमी विज्ञानियों के अनुसार इस समय मौसम की जो परिस्थितियां बनी हुई हैं उसके अनुसार हरियाणा, दिल्ली व एनसीआर के क्षेत्र में हल्की से मध्यम बरसात होने की प्रबल संभावना है। 22 सितंबर तक बरसात का यह सिलसिला जारी रहेगा। यह मौसम प्रणाली मानसून की बरसात को महीने के अंत तक आगे बढ़ाएगी और उसके बाद से कम हो जाएगी।

पानीपत की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

Edited By: Anurag Shukla