पानीपत, जागरण संवाददाता। शामली के कैराना के गांव मना माजरा के नाजिम की गोली लगने से मौत हो गई। नाजिम के साथ पानीपत आए उसके चचेरे भाई गालिब ने पहले तो पुलिस को बताया कि लूट के लिए चार बदमाशों ने नाजिम की हत्‍या कर दी। शाम होते-होते कहानी बदल गई। पुलिस पूछताछ में गालिब ने बताया कि किसी और को रुपये के लेनदेन में फंसाने के लिए नाजिम ने खुद को कंधे के पास गोली मरवाई थी।

इस साजिश में नाजिम का सगा छोटा भाई तालिब और उसका दोस्‍त भूरा भी शामिल था। उन्‍हें एहसास नहीं था कि नाजिम की जान चली जाएगी। दरअसल, गोली कंधे से पार होकर थोड़ा नीचे से छाती में घुस गई। पुलिस ने गालिब को गिरफ्तार कर लिया है। तालिब और भूरा की तलाश है। उधर, नाजिम का परिवार इस कहानी पर भरोसा नहीं कर रहा। नाजिम के बड़े भाई शकील ने गालिब पर हत्‍या का केस दर्ज कराया है। उसने कहा कि कहासुनी होने के बाद गालिब ने नाजिम की हत्‍या की। पुलिस का कहना है कि तालिब और भूरा के पकड़े जाने के बाद ही पूरा सच सामने आ सकेगा।

सिविल अस्पताल पहुंचाया शव

नाजिम का शव सिविल अस्पताल पहुंचा दिया गया है। पुलिस ने स्वजनों को सूचित कर दिया है। साथ ही हत्यारों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। 

एक दिन पहले पत्नी की हत्या हुई थी

एक दिन पहले ही पानीपत में मुजफ्फरनगर के युवक के अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी। पत्नी मुस्कान पानीपत की मुनीष कालोनी में रहती थी। पति से अनबन होने पर घर आ गई थी। ससुराल नहीं जाना चाहती थी। तीन महीन पहले ही लवमैरिज की थी। पति ने पत्नी के घर आकर उससे पूछा कि घर चलेगी या नहीं। इन्कार करने पर पति ने उसके सिर में गोली दाग दी। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

समालखा सक्रिय हुआ था लूट गिरोह

समालखा में लूट गिरोह सक्रिय हुआ था। जेल से छूटने के बाद आठ लोगों ने गैंग बनाया था। दुकानदार ने रुपये नहीं दिए तो गोली मार दी। दहशत फैलाने के लिए एक और दुकानदार को गोली मारी। पुलिस ने आठों बदमाशों को एक दिन पहले ही गिरफ्तार किया है।

Edited By: Anurag Shukla