पानीपत/करनाल[प्रदीप शर्मा]। स्मार्ट सिटी में लगाए गए स्मार्ट मीटरों के माध्यम से अब बिल जमा नहीं कराने वालों के कनेक्शन डिडक्शन भी स्मार्ट तरीके से किए जा रहे हैं। बिजली निगम की ओर से बिल जमा नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को लेकर शुरू किए गए एक अभियान के तहत ऐसे उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं, जिन्होंने बिजली जमा नहीं कराए, या फिर लगातार दो बिल नहीं भरे हैं। बशर्ते उनके बिजली बिल पर कोई विवाद ना हो। सर्कल आफिस स्थित कंट्रोल रूम से ही ऐसे उपभोक्ताओं की बिजली सप्लाई काटी जा रही है। हालांकि इस सख्ती का फायदा यह हुआ है कि उपभोक्ता बिल जमा कराने के लिए आगे आने शुरू हो गए हैं। रोजाना 20 से 25 लाख रुपये की रिकवरी बिजली बिलों के रूप में हो रही है।

दिसंबर में 10 सरकारी कार्यालयों सहित 920 के काटे कनेक्शन

बिजली बिल जमा नहीं कराने वाले सरकारी कार्यालयों पर भी गाज गिरी है। निगम की टीम ने 10 सरकारी कार्यालयों सहित 920 कनेक्शन काटे हैं। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम कार्यालय के सिटी डिविजन में स्मार्ट मीटर लगाने के बाद उपमंडल कार्यालयों में स्थापित कंट्रोल रूम से डिफाल्टरों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। बिजली निगम का उपभोक्ताओं पर बिल के रूप में 4 करोड़ 36 लाख रुपये बकाया हैं। हालांकि इसके बाद, जिन लोगों के कनेक्शन काट दिए गए उनमें से 550 ने यूएचबीएनएन को लगभग 1.33 करोड़ रुपये का बकाया जमा किया है।

मॉडल टाउन सब डिविजन के 490 कनेक्शन काटे गए

बिजली निगम के मुताबिक माडल टाउन सब-डिवीजन ने 490 कनेक्शन काटे गए हैं। जिनमें से 325 उपभोक्ताओं ने लगभग 67 लाख रुपये के बिल का भुगतान किया है। उप-शहरी उप-मंडल में, लगभग 430 कनेक्शन काट दिए गए। जिनमें से लगभग 66 लाख रुपये के बिल जमा करने के बाद लगभग 225 उपभोक्ताओं ने अपनी आपूर्ति फिर से शुरू कर दी।

31 मार्च तक होगा स्मार्ट मीटर लगाने का काम पूरा

 कार्यकारी अभियंता धर्म सुहाग ने बताया कि स्मार्ट मीटर परियोजना 2019 में शुरू की गई थी। पहले चरण में 1 लाख सामान्य मीटरों को स्मार्ट लोगों के साथ बदल दिया जाना था। अब तक लगभग 73,000 सामान्य मीटरों को स्मार्ट मीटरों से बदल दिया गया है और शेष को 31 मार्च, 2021 तक बदल दिया जाएगा।

एप से रख सकते हैं बिजली बिल की निगरानी

स्मार्ट मीटर एक एप से कनेक्ट हो जाता है। जिसमें बिजली निगम अधिकारी कार्यालय में बैठकर प्रत्येक घर की खपत की निगरानी कर सकते हैं। यदि कोई भी उपभोक्ता बिल जमा नहीं कराता है तो उसका बिजली कनेक्शन संबंधित उप-विभाग के कार्यालय से काट दिया जाता है। यूएचबीवीएन ने स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए एक ऐप भी लांच की थी। जिसकी मदद से उपभोक्ता बिजली की खपत के साथ-साथ मोबाइल फोन पर बिलों की निगरानी कर सकते हैं।

कंट्रोल रूम से ही काट दिया जाता है बिजली कनेक्शन 

बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता धर्म सुहाग ने बताया कि स्मार्ट मीटर मीटरिंग, बिलिंग और कलेक्शन (एमबीसी) की दक्षता बढ़ाने और राजस्व जुटाने में यूएचबीवीएन की मदद कर रहे हैं। स्मार्ट मीटर में आपूर्ति को डिस्कनेक्ट करने के लिए अब साइट पर जाने की जरूरत नहीं है। अब कंट्रोल रूम से ही बिजली कनेक्शन काट दिया जाता है। पहले कनेक्शन काटने के लिए कर्मचारी मौके पर जाते थे तो उनके साथ विवाद हो जाता था। अब स्मार्ट तरीके से बिजली निगम काम कर रहा है। लोगों को समय पर बिजली बिल जमा करने की आदत डालने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है। इस तरह की ड्राइव जारी रहेगी।

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