पानीपत, जेएनएन। शुगर मिल के 64वें पेराई सत्र में पेराई कार्य तेजी से चल रहा है, जिससे किसान संतुष्ट हैं। 23 जनवरी तक की पेराई रिपोर्ट के मुताबिक शुगर मिल में अब तक 13.95 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हो चुकी है। यानि रोजाना औसतन 96.35 प्रतिशत पेराई क्षमता के साथ पेराई कार्य चल रहा है।

बता दें कि मिल प्रबंधन ने इस बार 30 लाख क्विंटल गन्ना पेराई करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो सत्र 2019-20 के पेराई सत्र से एक लाख क्विंटल अधिक है। अधिकारियों के मुताबिक अभी तक हुई पेराई से 9.16 प्रतिशत की चीनी रिकवरी दर से चीनी का उत्पादन किया जा रहा है। किसानों का मानना है कि अगर इसी तेजी के साथ गन्ने की पेराई जारी रही, तो उनकी परेशानियां काफी हद तक कम हो जाएंगी। उन्होंने किसान रेस्ट हाउस में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

महंगाई ने तोड़ी कमर

किसानों ने बताया कि साल दर साल खेतीबाड़ी महंगी होती जा रही है। खाद, बीज, किटनाशक, स्प्रे, कृषि उपकरणों आदि के दामों में पिछले तीन साल में लगभग 20 फीसद तक बढ़ोत्तरी हो गई है। डीजल के दाम से भी तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द ही महंगाई पर रोक नहीं लगाई जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो खेतीबाड़ी छोड़कर दूसरे काम करना किसानों की मजबूरी बन जाएगी।।

सरप्लस गन्ने ने बढ़ाई चिंता

किसान मेहरबान ने बताया कि वह चाचा नरेश का दो ट्राली गन्ना लेकर मिल आया है। खेत में 8-10 हजार क्विंटल सरप्लस गन्ना खड़ा है। पेराई सत्र के आखिर में इस गन्ने को दूसरे मिलों में ले जाने की पर्ची मिलेगी। तब तक गन्ना सूखने लगता है। अधिकारियों को शुरूआत में ही सरप्लस गन्ने की पर्ची देनी चाहिए, ताकि किसान को नुकसान ना हो।

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