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जागरण संवाददाता, पानीपत : पहाड़ों में तेज बारिश के बाद हथनीकुंड बैराज से यमुना में 8.28 लाख क्यूसिक पानी छोड़ दिया गया है। इससे यमुना में पानी का स्तर बढ़ गया है। प्रशासन ने नदी के साथ लगते एक दर्जन गांवों में हाई अलर्ट जारी कर यमुना नदी में नहाने, कपड़े धोने और नाव ले जाने पर रोक लगा दी है। सिचाई विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस को अलर्ट कर दिया है। इसके साथ स्वास्थ्य और पशुपालक विभाग को भी किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने की हिदायत दी है। टीमें अगले 48 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहेंगी और अधिकारियों को अपना स्टेशन न छोड़ने के आदेश दिए हैं।

यमुना में पहले ही पानी का स्तर खतरे के निशान के पास है। हथनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी सोमवार दोपहर 12 बजे तक पानीपत की सीमा में पहुंच जाएगा। डीसी सुमेधा कटारिया ने बताया कि आमजन को घबराने की आवश्यकता नहीं है। किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देकर प्रशासन की हिदायतों का पालन कर व्यवस्थाओं में सहयोग करें। सरकार और प्रशासन लोगों के साथ है।

सरपंच और नंबरदारों को देनी होगी रिपोर्ट

सनौली, बापौली और समालखा खंड के गांव यमुना के साथ लगते हैं। प्रशासन ने इन सब गांवों की ग्राम पंचायतों के सरपंच और नंबरदारों को ड्यूटी लगाई है। उनको पल-पल की रिपोर्ट देनी होगी। लोगों के सहयोग से जान व माल के नुकसान से बचा जा सकता है।

ग्रामीणों को बाढ़ की चिता सताने लगी

सनौली संवाद सहयोगी के अनुसार यमुना नदी से सटे गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि इस बार बाढ़ जैसे हालातों से निपटने के लिए कोई खास इंतजाम नहीं किए गए हैं। पत्थरों की ठोकरों का निर्माण कार्य भी कम हुआ है। पुरानी ठोकरों को मजबूती देने के लिए लोहे की तार से नहीं बांधा गया। जिससे पुरानी ठोकरों का पानी में बहने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन का भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं गया है। गांवों में पुलिस की टीमें तैनात

सनौली खुर्द थाना प्रभारी राजबीर सिंह ने बताया कि यमुना नदी से लगते गांवों में पुलिस बल तैनात कर दिया है। पुलिस टीमें 24 घंटे हर गतिविधि पर नजर रखेगी। वह खुद भी ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। गांवों में मुनादी भी करवा दी है। सिचाई विभाग के एक्सईएन सुरेश सैनी ने बताया कि यमुना पर तीन एसडीओ, आठ जेई और 25 बेलदार लगाए हैं।

Posted By: Jagran

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