जागरण संवाददाता, पानीपत : दिल्ली से माडल टाउन में इंजीनियर जीजा व बहन से मिलने आए एक फल विक्रेता की बाबरपुल नाले के पास 15 हजार रुपये, मोबाइल फोन व अन्य सामान लूटकर चाकू से हत्या कर दी। मृतक के पेट, बाएं हाथ, सिर, ठोडी सहित शरीर पर 10 से 12 वार के निशान हैं। पुलिस को मौके से चाकू मिला है। अंदेशा है कि फल विक्रेता ने टोल प्लाजा से आटो बुक कराया या फिर अन्य वाहन से लिफ्ट ली होगी और रास्ते में हत्या कर दी गई। स्वजनों का आरोप है कि चार थानों की पुलिस ने मदद नहीं की। मदद होती तो जान बच जाती। पुलिस की चार टीमें हत्यारों की तलाश में जुटी हैं।

रिफाइनरी से केमिकल इंजीनियर पद से सेवानिवृत विनोद कुमार परिवार के साथ माडल टाउन के कृष्णा नगर में रहते हैं। विनोद ने बताया कि उनका छोटा साला बिहार के जिला सीतामढ़ी के उरलीपुर सरचिया गांव के अनिल सिंह (38 वर्ष) 25 साल से दिल्ली के लक्ष्मी नगर में एल-47 में परिवार सहित रहते थे। वहीं पर सब्जी व फल की रेहड़ी लगाते थे। 17 सितंबर की रात को अनिल वोल्वो बस से उनसे मिलने माडल टाउन आ रहे थे।

विनोद के अनुसार 7:40 बजे साले ने उनकी बेटी निशा को बताया कि वह बस में बैठा है। 11 बजे साले का काल आया कि पानीपत टोल पर पहुंच चुका हूं, आप रामलाल चौक माडल टाउन आ जाओ। इसके बाद बेटा रामलाल चौक पर इंतजार करता रहा, लेकिन साला नहीं आया। बेटे ने काल की तो अज्ञात व्यक्ति ने रिसीव कर कहा कि अनिल का एल्डिको के पास एक्सीडेंट हो गया है। मौके पर पहुंचे तो वहां कोई नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि वे चार थानों में मदद के लिए गए, लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं। वह एसपी से मिले। इसके बाद थाना माडल टाउन ने गुमशुदगी का मामला दर्ज किया। रविवार सुबह किसी राहगीर ने थाना सदर पुलिस को सूचना दी कि बाबरपुर नाले के पास झाड़ियों में शव पड़ा है। मौके पर पुलिस और स्वजन पहुंचे। स्वजनों ने शव की पहचान अनिल सिंह के रूप में की।

मृतक की पीठ पर टंगे बैग से 15 हजार रुपये, मोबाइल फोन व अन्य सामान गायब था। शव के पास चाकू, मोबाइल का कवर व बैग में कपड़े व टूथपेस्ट व ब्रश मिली है। अनिल दो भाई व दो बहनों में सबसे छोटे थे। उनके परिवार में पत्नी व तीन बच्चे हैं। दो डाक्टरों के बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव को स्वजनों को सौंप दिया। पहले अनिल सिंह की गुमशुदगी का माडल टाउन थाने में मामला दर्ज किया था। तभी से पुलिस टीमें तलाश में जुटी थी। इस मामले में लापरवाही नहीं की गई है। लूट और हत्या की धारा जोड़ दी हैं। टोल प्लाजा बंद हैं। इसलिए वाहनों की आवाजाही का रिकार्ड नहीं मिला है। अंदेशा है कि लिफ्ट देकर किसी ने हत्या की है।

- शशांक कुमार सावन, एसपी

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