पानीपत/अंबाला, जेएनएन। कोरोना को लेकर जहां देश भर में लॉकडाउन है, वहीं अंबाला के वे लोग जो विदेश गए और वापस आए, उनमें से 9 ऐसे लोग हैं, जिन्होंने अपने पासपोर्ट में गलत एड्रेस दे दिया। इन लोगों का अब कुछ पता नहीं है, जबकि प्रशासन ने ऐसे लोगों की सूची पुलिस विभाग को सौंपी है। अब इन सभी की तलाश शुरु हो चुकी है। इसके अलावा अंबाला के 131 ऐसे लोग हैं, जो विदेश जाने के बाद वापस तो लौटे, लेकिन न तो अंबाला आए। यह या तो हरियाणा के दूसरे जिलों में या फिर हरियाणा से बाहर हैं। इन को लेकर भी प्रशासन जानकारी जुटा रहा है। सबसे ज्यादा खतरा उन 9 लोगों से है, जिनके बारे में अभी तक कुछ भी जानकारी नहीं है।

विदेश से आने वालों को रखना पड़ता है क्वारंटीन में 

विदेश से वापस अपने घर लौटने वालों के लिए अलग से एडवाइजरी जारी की गई है। इसके तहत इन लोगों के घरों के बाहर पोस्टर लगाए गए हैं ताकि आम जनता को भी पता रहे और वे ऐसे घरों में विजिट न करें ताकि वे किसी भी संभावित खतरे से बचें। इन लोगों को 14 से 28 दिनों तक क्वारंटीन के निर्देश दिए जाते हैं। कुछ लोगों ने तो पोस्टर फाड़कर इसका विरोध भी किया, जिन पर पुलिस ने मामला भी दर्ज किया। इसके अलावा ऐसे लोग जो क्वारंटीन पीरियड में हैं और बाहर घूमते रहे, ऐसी 67 शिकायतें पुलिस के पास आई हैं। 

इस तरह से है खतरा

अंबाला के जो लोग विदेश गए और वापस आए उनकी संख्या 1379 है। इन में से 19 केस ऐसे हैं, जिन्होंने अपने कागजात में डुप्लीकेट पता दिया या फिर मल्टीपल एड्रेस दिए हैं। इसी तरह 9 लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अपने पासपोर्ट पर गलत एड्रेस दिए हैं। यही लोग हैं, जो इस समय खतरा बने हुए हैं। इनका कुछ अता पता नहीं है कि वे कहां पर हैं। इन लोगों को तलाशा तो गया, लेकिन इनके घरों पर या तो ताले मिले या फिर वे किराये पर रहते थे और अब कहीं और हैं। लेकिन इन मकान मालिकों को भी पता नहीं वे अब कहां पर रह रहे हैं। यही स्थिति प्रशासन की नींद उड़ा रही है। 

विदेश से आए 131 अंबाला नहीं पहुंचे

आंकड़ों पर नजर मारें, तो पता चलता है कि ऐसे लोग जो अंबाला से विदेश गए उनमें से 131 ऐसे हैं, जो अंबाला वापस नहीं लौटे। इन की मॉनीटङ्क्षरग की कोशिश भी प्रशासन कर रहा है। हालांकि कुछ की जानकारी मिल चुकी है। इन में से 30 ऐसे हैं जो हरियाणा के अलग-अलग हिस्सों में हैं, लेकिन अंबाला में नहीं हैं। इसी तरह अंबाला के ऐसे 101 ऐसे हैं जो हरियाणा से बाहर अन्य राज्यों में हैं। इसके अलावा अंबाला के 38 लोग ऐसे हैं, जो अभी भी विदेश में हैं। 

यह है क्वारंटीन किए गए लोगों की स्थिति 

1182 लोगों को क्वारंटीन किया गया है, जिनमें से 182 ऐसे हैं, जिनका क्वारंटीन पीरियड पूरा हो चुका है। एक हजार लोग ऐसे हैं जो होम क्वारंटीन में हैं और उनके हाथों पर स्टैंप किया गया है। इसी तरह 951 ऐसे हैं जिनके घरों के बाहर क्वारंटीन पोस्टर लगाए गए हैं। 

हां, कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जिन्होंने पासपोर्ट में जो एड्रेस दिया है, वह गलत है। जांच में पता चला कि यह लोग किराये पर रह रहे थे और वही एड्रेस दिया गया। पासपोर्ट में दी गई अन्य जानकारियों के आधार पर इनकी पहचान की जा रही है। कुछ को लोकेट कर लिया गया है, जबकि अन्य को भी जल्द ही लोकेट कर लिया जाएगा। 

- अभिषेक जोरवाल, एसपी अंबाला

दूसरे राज्य के लोग अंबाला में न कर सकें प्रवेश : एडीजीपी 

एडीजीपी अलोक राय ने हरियाणा-पंजाब सीमा का निरीक्षण कर पुलिस र्किमयों को दूसरे राज्य से आने वाले लोगों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं। किसी को भी अंबाला जिला में प्रवेश न करने दें। लॉकडाउन की स्थिति में जो लेबर संबंधी लोग जिला सीमा में प्रवेश कर रहे हैं उनके लिए ठहरने की व्यवस्थाएं हैं का एडीजीपी अलोक राय, एसपी अभिषेक जोरवाल और डीसी अशोक कुमार ने निरीक्षण किया। एडीजीपी ने बताया राज्य सरकार द्वारा सभी बार्डर सील कर दिए गए हैं, इसलिए वे कानून व्यवस्था का ध्यान रखते हुए इसकी पालना करें। इस दौरान एसपी अभिषेक जोरवाल ने सुरक्षा की ²ष्टि से किए गये प्रबंधों बारे उच्च अधिकारियों को विस्तार से जानकारी दी। एडीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को कहा कि वे कौशिश करें कि इन व्यक्तियों को यहीं रोककर खाने और रहने की व्यवस्था करवाएं। जहां पर रहने का स्थान निर्धारित किया गया है, सम्बन्धित लोगों को वहीं पर ठहराया जाए।  इन व्यक्तियों को रोकने का मुख्य उद्देश्य यही है कि वे स्वयं कोरोना के संक्रमण से बच सकें और दूसरों को भी इनके पास में न आने दें, समाजिक दूरी बनाए रखने के बारे में सभी को जागरूक करें। प्रशासन द्वारा धारा 144 के तहत 5 से ज्यादा व्यक्तियों के एकत्रित  होने पर पूर्णत: प्रतिबंध है। 

डीसी का ठहरे व्यक्तियों को आग्रह, यहीं पर रहें 

डीसी अशोक कुमार ने शेल्टर होम के तहत बनाए गए मंजी साहिब गुरुद्वारा, सैनी धर्मशाला, विश्वकर्मा भवन में जाकर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।  यहां ठहरे व्यक्तियों को आग्रह किया कि वे यहीं पर रहें, उनके लिए जिला प्रशासन द्वारा खाने-पीने, रहने के साथ-साथ सुरक्षा की ²ष्टि से व्यापक व्यवस्था कर रखी है। इसलिए वे हिदायतों की पालना करते हुए यहीं रहें। ऐसा करने से वे स्वयं सुरक्षित रहेंगे और कोरोना वायरस के संक्रमण से बच सकेंगे वहीं दूसरों को भी इससे बचाने में सहायक होंगे। 

Posted By: Anurag Shukla

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