संवाद सहयोगी, इसराना : बिजली निगम में एएलएम डाहर निवासी रमेश कुमार से 22 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। बीमा करने और पालिसी का लाभ दिलाने का झांसा देकर ये ठगी की गई। एक के बाद एक 12 लोगों ने ये ठगी की। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। एक भी आरोपित पकड़ा नहीं जा सका है।

रमेश कुमार ने इसराना थाना पुलिस को बताया कि उसने 19 दिसंबर, 2014 को एलआइसी से बीमा कराया था। उसने पांच साल लगातार किस्त भरी। 12 दिसंबर, 2018 को किस्त भरते ही एक फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि वह एलआइसी के हेडआफिस चंडीगढ़ से बोल रहा है। आपकी एलआइसी में पालिसी है। वेरिफिकेशन के लिया काल की है। जिस एजेंट ने आपकी पालिसी की है, उसने आपके साथ फ्राड किया है। आपकी पालिसी का अच्छा कमीशन खा रहा है। कमीशन वापस लेना है तो शिकायत देनी होगी। उसने शिकायत करने के लिए स्वीकृति दे दी। शिकायत दर्ज करने के बाद दिग्विजय सिंह का फोन आया। उसने एलआइसी पालिसी रद कराने के लिए एचडीएफसी की पालिसी कराई। इसके 15 दिन बाद पीएनबी की पालिसी कराई। उसके बाद करीब साढे चार लाख की आठ पालिसी अलग-अलग कंपनियों की कराई। 21 अगस्त, 2020 को पालिसी का लाभ दिलाने के लिए 11 लोगों ने संपर्क किया। अलग-अलग खातों में साढ़े 17 लाख रुपये ट्रांसफर कराए। उसके बाद भी पालिसी का लाभ नहीं मिला। इसराना थाना प्रभारी दीपक रंगा ने जागरण को बताया कि एएलएम की शिकायत पर 12 लोगों के खिलाफ धारा 420 व 406 के मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुनीत चौहान, प्रेम चंद गुलाटी, मनीष पांडे, अंकित चौहान, हिमांशु ठाकुर, वीरेंद्र फंड डिपार्टमेंट, दीपक, तुलसी दास पटेल, सत्य प्रकाश पांडे, अंकित तिवारी, पीएस शर्मा व दिग्विजय सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

Edited By: Jagran