अंबाला, जेएनएन। लोगों को गुमराह कर 100 करोड़ रुपये का घोटाला करने के मामले में इकॉनोमिक्स सैल पुलिस पांच आरोपितों को प्रोडक्शन वारंट पर सेंट्रल जेल से लेकर आई है। इसमें आरोपित टीएंडसी सोसायटी प्रधान कुलदीप कुमार, उपप्रधान सुनील कुमार, कैशियर रसालचंद, मेंबर विनोद कुमार व रणधीर शामिल हैं।

पांचों आरोपितों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से पूछताछ के लिए दो दिन का रिमांड मंजूर हुआ है। पुलिस के मुताबिक आरोपित इससे पहले कई करोड़ रुपये के घोटाले में सेंट्रल जेल में बंद है। अब सौ करोड़ का नया घोटाला सामने आने पर आरोपितों के संलिप्ता सामने आई है। माना जा रहा है कि करीब 500 लोगों के साथ ठगी की गई है, जबकि यह घोटाला 100 करोड़ रुपये से भी अधिक का हो सकता है।  

इस तरह तैयार किया गया था जाल

बता दें आरोपित सुनील कुमार दीवान भारतीय स्टेट बैंक में कार्यरत था। वह बैंक में रुपये जमा करवाने वालों को भी इस बैंक में कार्यरत था मैंने अपना मकान वर्ष 2013 में बेचा या व सुनील दीवान व शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपितों ने नेशनलाइज्ड बैंक इंप्लाइज अदर पब्लिक कोआपरेटिव टीएंडसी सोसायटी नारायणगढ़ का गठन किया है। इन आरोपितों ने मोटे ब्याज का लालच देकर एफडी में डिपाजिट करने को कहा। यह खेल इस तरह से किया गया कि पीड़ित इनके झांसे में आ गए और करोड़ों रुपये इस सोसायटी में बतौर एफडी जमा करवा दी। जब एफडी मेच्योर हो गई, तो रुपये वापस मांगे, लेकिन रकम नहीं लौटाई गई। बता दें कि इसी को लेकर पहले फरवरी 2019 में मामला दर्ज किया गया था।

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'' मामले में पांचाें आरोपितों को प्रोडक्शन वारंट पर जेल से लाया गया है। आरोपितों को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड मिला है। पूछताछ के दौरान आरोपितों से और भी घोटालों के खुलासे हो सकते हैं।

                                                                                                 - सुभाष, इंचार्ज, इकॉनोमिक्स सैल।

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