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जागरण संवाददाता, पंचकूला: सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा विभिन्न विभागों में कार्यरत अनुबंध वाले नियमित महिला कर्मचारियों को संगठित कर बड़ा आंदोलन करेगा। यह निर्णय सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के तीन दिवसीय राज्य स्तरीय प्रतिनिधि सम्मेलन के दूसरे दिन कामकाजी महिलाओं की मांगों एवं समस्याओं को लेकर आयोजित महिला सत्र में लिया गया।

महिला सत्र की अध्यक्षता सुनीता, शर्मिला हुड्डा, प्रमोद कुमारी, सरोज देवी एवं बृजवती ने की। कामकाजी महिला सब कमेटी की संयोजक व सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की उपप्रधान सबिता मलिक ने आंदोलन की दशा व दिशा पर परिपेक्ष्य पत्र प्रतिनिधियों के समक्ष पेश किया। जिसमें कामकाजी महिलाओं की समस्याओं, आर्थिक नीतियों के महिलाओं पर पड़ने वाले प्रभाव व संगठित होने की जरूरत पर जोर दिया गया। आंकड़ों के अनुसार 2016 में 38947 महिलाओं से हुआ बलात्कार अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय महासचिव मरियम धावले ने कहा कि महिलाओं पर हिसा इस कदर बढ़ गई है कि 2016 के बाद के आंकड़े जारी करने से सरकार डर रही है। 2016 में प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार एक साल में 38947 महिलाओं से बलात्कार हुआ। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री द्वारा कश्मीर की महिलाओं के लिए की गई टिप्पणी की घोर निदा की। महिला सत्र को अध्यापिका बिमला, गीता, मंजू गुज्जर, प्रमोद कुमारी, शारदा, सीटू नेता रमा आदि ने संबोधित करते हुए प्रस्ताव का समर्थन किया। आज होगा तीन साल के लिए नई केंद्रीय कमेटी का चुनाव सम्मेलन में शुक्रवार को महासचिव सुभाष लांबा द्वारा पेश की गई सांगठनिक एवं आंदोलन की रिपोर्ट पर प्रतिनिधियों द्वारा बहस जारी थी। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा ने बताया कि रविवार को बहस का जवाब दिया जाएगा और आगामी तीन साल के लिए नई केंद्रीय कमेटी का चुनाव किया जाएगा। सम्मेलन में सर्वसम्मति से रोडवेज में किलोमीटर स्कीम में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश होने के बाद भी स्कीम को जारी रखने की निंदा की। चुनावी घोषणा पत्र में किए वादों को पूरा न करने की निदा की

दूसरे प्रस्ताव में एनपीएस को रद करने और पुरानी पेंशन बहाल करने, तीसरे प्रस्ताव में मजदूर विरोधी संशोधन पर रोक लगाने, चौथे प्रस्ताव में सांप्रदायिकता के विरोध में एवं धर्मनिरपेक्षता के हक में, पांचवें प्रस्ताव में आउटसोर्सिंग की नीतियों पर रोक लगाने व जन सेवाओं के विभागों को मजबूत करने, छठे प्रस्ताव में सभी प्रकार की उत्पीड़न एवं दमन की कार्यवाहियों को समाप्त करने और सातवें प्रस्ताव में वैज्ञानिक ²ष्टिकोण को बढ़ाने और अंधविश्वास के खिलाफ प्रस्ताव, आठवें प्रस्ताव में सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों को पक्का और कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान करने और नौवें प्रस्ताव में चुनावी घोषणा पत्र में किए वादों को पूरा न करने की निदा की।

Posted By: Jagran

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