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रोहतक मनरेगा घोटाले की जांच करेगा विजिलेंस ब्यूरो, हाई कोर्ट ने मांगी कार्रवाई रिपोर्ट

Published: Thu, 22 Oct 2026 09:22 PM (IST)

पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देश पर हरियाणा सतर्कता ब्यूरो रोहतक में मनरेगा योजना में वित्तीय अनियमितताओं की जांच करेगा।

सतर्कता ब्यूरो करेगा रोहतक के मनरेगा घोटाले की जांच।

सतर्कता ब्यूरो करेगा रोहतक के मनरेगा घोटाले की जांच।

HighLights

  1. सतर्कता ब्यूरो करेगा रोहतक मनरेगा घोटाले की जांच

  2. पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने जांच रिपोर्ट मांगी

  3. समचाना में 1.25 करोड़ की वित्तीय अनियमितता का आरोप

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग की जांच हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो करेगा।

पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में राज्य सरकार ने जानकारी दी कि मुख्य सचिव ने 15 अक्टूबर को जांच के लिए ब्यूरो के पास पत्र भेज दिया है। अदालत ने जांच और आगे की कार्रवाई के लिए समय देते हुए अगली सुनवाई 15 फरवरी 2027 तय की है। उस दिन तक की कार्रवाई की स्थिति रिपोर्ट भी पेश करनी होगी।

मामला रोहतक जिले में मनरेगा योजना के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। राम चंदर व अन्य की जनहित याचिका पर मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान रोहतक के उपायुक्त भी अदालत में उपस्थित रहे।

राज्य सरकार ने जांच पूरी करने और कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने के लिए समय मांगा। अदालत ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई पर जांच की प्रगति और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी दी जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सुनवाई के दौरान उपस्थित अधिकारियों को अगली तारीख पर व्यक्तिगत रूप से पेश होने की जरूरत नहीं होगी, जब तक कि अदालत अलग से निर्देश न दे।

यह है रोहतक मनरेगा में भ्रष्टाचार का पूरा मामला

रोहतक के सांपला ब्लॉक के समचाना गांव में मनरेगा के तहत करीब 1.25 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया था। कई लोगों के नाम पर मजदूरी का भुगतान किया गया, जबकि उन्होंने मनरेगा के तहत काम करने से इन्कार किया।

जांच में कुछ लाभार्थियों के बैंक खातों में मजदूरी की रकम आने के बाद उसी धनराशि को एक ही मोबाइल नंबर या यूपीआइ खाते में स्थानांतरित किए जाने की बात भी सामने आई। यह नंबर कथित तौर पर मनरेगा मेट से जुड़ा पाया गया। 20 मार्च 2023 को राम चंदर और अन्य शिकायतकर्ताओं ने मनरेगा में कथित गड़बड़ी की शिकायत की थी। करीब 600 लोगों को काम करने वाला दिखाया गया, जबकि वास्तव में लगभग 200 श्रमिक ही काम कर रहे थे।

जांच में ऐसे लाभार्थियों के बयान भी दर्ज किए गए, जिन्होंने योजना के तहत काम नहीं करने की बात कही। एक मृत व्यक्ति के नाम पर 10,395 रुपये के भुगतान का आरोप सामने आया। मनरेगा लोकपाल ने 2023 में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की थी। हालांकि, सितंबर 2026 में सांपला पुलिस ने मेट प्रवीण कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और आपराधिक साजिश समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया।