जेएनएन, चंडीगढ़। परिवहन विभाग में एक साल पहले पक्के हुए 8200 चालक-परिचालक कच्चे नहीं होंगे। रोडवेज कर्मचारी यूनियनों के आक्रामक तेवरों को देखते हुए परिवहन निदेशालय ने शुक्रवार को अपना चार दिन पुराना फैसला बदल दिया। अब सभी कर्मचारियों को पहले की तरह नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और भत्ते मिलते रहेंगे।

वर्ष 2003 से 2014 तक भर्ती हुए इन कर्मचारियों को लंबे आंदोलन के बाद पिछले साल 28 नवंबर को पक्का किया गया था। बीती 20 नवंबर को  परिवहन निदेशक ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर एडवोकेट जनरल की राय का हवाला देते हुए सभी महाप्रबंधकों को लिखित आदेश जारी कर दिया कि इन कर्मचारियों को पक्का नहीं मान कर सिर्फ नियमित वेतनमान दिया जाए। ये कर्मचारी भत्तों और एसीपी के पात्र नहीं होंगे। इस पर रोडवेज कर्मचारी यूनियनें भड़क गईं और शुक्रवार को चार घंटे तक पूरे प्रदेश में धरना-प्रदर्शन किया।

सरकार के हस्तक्षेप के बाद परिवहन महानिदेशक विकास गुप्ता ने चार दिन पुराने फैसले पर सफाई देते हुए फिर से नया पत्र जारी कर दिया। सभी रोडवेज महाप्रबंधकों को भेजे पत्र में कहा गया है कि सभी कर्मचारियों को पूर्व की तरह वेतन-भत्ते मिलते रहेंगे। हालांकि इस पत्र में पुराने पत्र को रद करने संबंधी कोई बात नहीं कही गई जिससे कर्मचारी यूनियनें खफा दिखी।

हाईकोर्ट में पहुंचा मामला

परिवहन निदेशालय द्वारा पक्के कर्मचारियों को कच्चे करने का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी पहुंच गया। हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के नेता दलबीर किरमारा ने याचिका दायर कर विभाग के आदेश पर रोक लगाने की गुहार लगाई।

बाद में पत्रकारों से रू-ब-रू किरमारा ने कहा कि विभाग ने चार दिन पुराने पत्र को रद करने पर कुछ नहीं कहा है। इसे तुरंत प्रभाव से रद किया जाए। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के वीरेंद्र सिंह धनखड़, जगमोहन आंतिल, इंद्र सिंह बधाना ने कहा कि सभी लंबित मांगों को तुरंत पूरा किया जाए।

रोडवेज कर्मचारियों ने प्रदेश भर में दिया धरना

8200 चालक-परिचालकों के हितों से खिलवाड़ के विरोध में हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन और ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने पूरे प्रदेश में सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक धरना दिया। इस दौरान रोडवेज बसों का संचालन सुचारू रहा। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के नेता शरबत पूनिया और ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के प्रधान हरिनारायण शर्मा व महासचिव बलवान सिंह दोदवा ने परिवहन विभाग द्वारा सभी कर्मचारियों के वेतन-भत्ते बहाल करने का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी अन्य मांगों को भी पूरा किया जाए। अगर अंतरराज्यीय रूटों पर चल रही बसों को बंद करने का फैसला वापस नहीं लिया तो 2 दिसंबर को यूनियन रोहतक में आगे की रणनीति बनाएगी।

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