जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर अब विश्वविद्यालयों और सरकारी व अनुदान प्राप्त कॉलेजों के स्टाफ को भी सातवें वेतन आयोग का लाभ मिल गया है। प्रदेश सरकार ने पहली जनवरी 2016 से आयोग की सिफारिशों का लाभ देने का फैसला करते हुए एरियर उनके खाते में डालने के निर्देश दिए हैं।

वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने बताया कि कालेज शिक्षकों, कुलसचिवों, पुस्तकालयों के अध्यक्ष, कुलपतियों और खेल निदेशकों के लिए सातवें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी गई है। इससे प्रदेश में विभिन्न सरकारी कालेजों और विश्वविद्यालयों में लगे 2853 शिक्षकों व गैर शिक्षकों को फायदा होगा। सरकारी कालेजों में 1990 और सरकारी सहायता प्राप्त कालेजों में 2956 शिक्षक व गैर शिक्षक है।

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 332, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक में 287, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा में 64, चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय भिवानी में 12, चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय जींद में 18, भगत फूल सिंह महिला विवि खानपुर कलां, सोनीपत में 116 और इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय रेवाड़ी में 34 शिक्षकों और गैर शिक्षकों को वेतन बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। सातवां वेतन आयोग लागू होने से सरकार पर सालाना 230.6 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

शिक्षक और गैर शिक्षक को वेतन

पद राशि
असिस्टेंट प्रोफेसर 57,700- 79,800
एसोसिएट प्रोफेसर 1,31, 400
प्रोफेसर्स 1,44,200- 1,82,200
असिस्टेंट लाइब्रेरियन 57,700-68,900
डिप्टी लाइब्रेरियन 79,800-1, 31,400
लाइब्रेरियन 1,44,200
असिस्टेंट डायरेक्टर, फिजिकल एजुकेशन और खेल 57,700- 68,900
डिप्टी डायरेक्टर, फिजिकल एजुकेशन और खेल 79,800-1,31, 400
डायरेक्टर 1,44,200
रजिस्ट्रार और एग्जाम कंट्रोलर्स 1,44,200
डिप्टी रजिस्ट्रार और डिप्टी एग्जाम कंट्रोलर्स 79800
असिस्टेंट रजिस्ट्रार और असिस्टेंट एग्जाम कंट्रोलर्स 56,100

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Posted By: Kamlesh Bhatt