नई दिल्ली, [बिजेंद्र बंसल]। हरियाणा में कोरोना वायरस COVID-19 को मात मिली है। राज्‍य की पहली कोरोना मरीज को फरीदाबाद मेट्रो अस्‍पताल की टीम ने रोग से मुक्‍त कराने में कामयाबी हासिल की है। अस्‍पताल के प्रबंध निदेशक डॉ.एस.एस.बंसल का कहना है कि इस महिला मरीज का इलाज आसान नहीं था और इस दौरान कई चुनौतियां आईं। आखिरकार डॉक्‍टरों की टीम ने इन पर काबू पाया और राज्‍य को बड़ी खुशखबरी दी।

फरीदाबाद के मेट्रो अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ.एस.एस.बंसल ने बताया कोरोना रोगी के इलाज की कहानी

पेश है महिला के इलाज की कहानी फरीदाबाद के मेट्रो अस्‍पताल के प्रबंध निदेशक डॉ.एसएस बंसल की जुबानी में- 

दुनिया भर में तेजी से फैले कोरोना वायरस संक्रमित रोगी का इलाज भी काफी मुश्किल हो रहा है। फरीदाबाद में कोरोना वायरस ग्रस्त पहली महिला रोगी का इलाज हमने फरीदाबाद के मेट्रो अस्पताल में किया। मगर इस दौरान हमें आए दिन अफवाहों के गर्म रहने से काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अब महिला रोगी पूरी तरह स्वस्थ है और नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल ने उनकी रिपोर्ट भी नेगेटिव दी है मगर 19 से 24 मार्च तक हम जिस तरह की अफवाहों के दौर से गुजरे हैं, यह हमारे के लिए एक भयानक डरावने दौर से कम नहीं था। एक बार तो हम अपने भविष्य को लेकर भी चिंतित हो गए थे।

असल में यह महिला पहली बार हमारे हॉस्पीटल में इलाज के लिए 11 मार्च को आई। चूंकि ये कुछ दिन पहले स्पेन देश से आई थीं, इसीलिए इनके संपर्क में करीब 68 लोग भी आ गए थे। इनके बारे में जानकारी लेना और उन्हें उनके नजदीक ही क्वारंटाइन कराना बड़ा मुश्किल था। मगर हर पल हर क्षण हमारी सभी जगहों के स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने मदद की। महिला रोगी में जो बीमारी के लक्षण थे वे सामान्य नहीं थे।

डॉक्टरों से लेकर पैरा मेडिकल स्टॉफ को हर पल अलग तरह की मुश्किलों से जूझना पड़ा

हमने 14 मार्च को इनकी जांच के लिए सैंपल नई दिल्ली स्थित नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल भेजा। 18 मार्च को रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। शुरू दिन से इस महिला सहित इनके संपर्क में आए इनके परिवारजन व अन्य 68 लोगों में से 15 को भी अस्पताल में अलग भवन में क्वारंटाइन किया गया। इन के इलाज में जो डॉक्टर, नर्स या अन्य स्टॉफ लगा था, उन्हें भी हमने अस्पताल के अन्य लोगों से मिलने की अनुमति नहीं दी।

कोरोना मरीज का इलाज हमारे पास हो रहा है इसकी प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अलावा किसी को जानकारी भी नहीं दी मगर इसके बावजूद इनके इलाज में कई तरह की बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। 19 मार्च को मीडिया में जैसे ही यह खबर आई कि हमारे अस्पताल में एक कोरोना वायरस ग्रस्त मरीज है तो हमारे अस्पताल में अन्य मरीजों ने आना बंद कर दिया।

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कई डॉक्टर और नर्स भी किसी न किसी कारण से अस्पताल नहीं आने लगे। यह सब हमारे के लिए संकट का समय हो गया। एक बार तो मेरी और मेरी पत्नी सहित दो अन्य डॉक्टरों के कोरोना वायरस ग्रस्त होने की अफवाह फैल गई। हालांकि हमने धैर्य नहीं खोया क्योंकि शासन-प्रशासन के अधिकारियों ने हमें हर बार प्रोत्साहित किया। ईश्वर हमारे साथ रहा और 24 मार्च को कोरोना वायरस ग्रस्त फरीदाबाद की पहली महिला की रिपोर्ट नेगेटिव आ गई। अब यह महिला ही नहीं बाकी 68 लोग भी पूरी तरह ठीक हैं।

 

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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