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दिल्ली-पानीपत और करनाल का सफर होगा आसान, छत्तीसगढ़ के 4 शहरों में चलेंगी 240 बसें

Published: Wed, 21 Oct 2026 05:05 PM (IST)

केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय देश के शहरों को स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए कई परियोजनाएं चला रहा है।

दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत रेल गलियारा 2031 तक होगा शुरू।

दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत रेल गलियारा 2031 तक होगा शुरू।

HighLights

  1. दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत रेल गलियारा 2031 तक होगा शुरू

  2. छत्तीसगढ़ के चार शहरों में चलेंगी 240 बिजली से चलने वाली बसें

  3. चेन्नई मेट्रो के दूसरे चरण में चालक रहित रेलगाड़ियों का उद्घाटन

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। देश के शहरों को स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

केंद्रीय मंत्रालय की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, आवास एवं नगर विकास निगम ने वित्त वर्ष 2025-26 में 908.36 करोड़ रुपये के लाभांश की घोषणा की है। यह अब तक का उसका सबसे अधिक लाभांश है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल को आवास एवं नगर विकास निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय कुलश्रेष्ठ ने लाभांश का चेक सौंपा।

मंत्रालय की विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत हरियाणा से जुड़ी एक वृहद परियोजना दिल्ली-पानीपत-करनाल का सफर आसान बनाने की दिशा में काम चल रहा है।

मंत्रालय की ओर से शहरों में यातायात को सुगम बनाने, प्रदूषण घटाने, कचरे का बेहतर प्रबंधन करने और नई परिवहन सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य शहरों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने अपने मंत्रालय की साप्ताहिक रिपोर्ट में बताया कि चेन्नई में मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण के तहत पूनामल्ली से वडापलानी तक 15 किलोमीटर लंबे मार्ग का उद्घाटन किया जा चुका है। इस मार्ग पर बिना चालक के चलने वाली रेलगाड़ियों की सुविधा होगी। इसमें 3.7 किलोमीटर लंबा दोहरी सतह वाला ढांचा भी शामिल है।

मनोहर लाल के अनुसार, दिल्ली से पानीपत और करनाल के बीच नमो भारत रेल गलियारे का काम तेज किया जा रहा है। 136.30 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर वर्ष 2031 तक सेवाएं शुरू करने की योजना है। इसके शुरू होने पर दिल्ली से करनाल तक का सफर लगभग 90 मिनट में पूरा हो सकेगा।

इस मार्ग पर प्रतिदिन 242 फेरे लगाने की योजना बनाई गई है। छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और कोरबा में 240 बिजली से चलने वाली बसें चलाने के लिए भी समझौते किए गए हैं। इससे शहरों में आवागमन की सुविधा बढ़ाने और प्रदूषण कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

कचरे से खाद, धूल रोकने के लिए विशेष वाहन

शहरों को स्वच्छ बनाने के लिए नई दिल्ली के संकल्प भवन परिसर में गीले कचरे से खाद बनाने की व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत रसोई से निकलने वाले कचरे का उपयोग खाद बनाने में किया जाएगा। इस खाद को हरित क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जा सकेगा।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के अनुसार, दिल्ली नगर निगम ने धूल से होने वाले प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए पानी का छिड़काव करने वाली मशीनों और धुआं कम करने वाले उपकरणों से लैस 12 विशेष वाहन सड़कों पर उतारे हैं।

पटना में महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कचरा छंटाई केंद्र और महिलाओं के लिए विशेष शौचालयों की पहल की गई है। मंत्रालय ने कचरा प्रबंधन और टिकाऊ विकास से जुड़ी 18 परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर भी जोर दिया है।