जेएनएन, चंडीगढ़। पक्की नौकरी और समान वेतन के लिए संघर्षरत अतिथि अध्यापकों को शिक्षा विभाग ने एक और झटका दिया है। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने पहली मार्च के बाद विभिन्न कारणों से दूसरे स्कूलों में ट्रांसफर लेने वाले सभी जेबीटी (जूनियर बेसिक ट्रेंड), भाषा अध्यापक, मास्टरों और एडहॉक पर लगे जेबीटी गेस्ट टीचरों के तबादले रद कर दिए हैं। फैसले से करीब पांच सौ गेस्ट टीचर प्रभावित होंगे।

मौलिक शिक्षा निदेशक राज नारायण कौशिक ने बृहस्पतिवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए। सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को लिखित आदेश दिया गया है कि पिछले पांच माह के दौरान दूसरे स्कूलों में स्थानांतरित गेस्ट टीचर्स और एडहॉक पर लगे गेस्ट टीचर्स को तुरंत प्रभाव से रिलीव कर वापस मूल स्कूल में भेज दिया जाए।

हालांकि स्टाफ की अधिकता या फिर नियमित शिक्षक की नियुक्ति के कारण सरप्लस हुए शिक्षकों पर यह आदेश लागू नहीं होगा। बताया जाता है कि तबादलों के विरोध में लगातार निदेशालय पहुंच रहे शिक्षकों के मूल स्कूलों में वापस भेजने की मांग पर शिक्षा निदेशक ने यह कदम उठाया।

उधर, अतिथि अध्यापक संघ के प्रधान पारस शर्मा ने कहा कि दूसरे स्कूलों में तबादला लेने वाले अधिकतर गेस्ट टीचर वे हैं जिनके माता-पिता या फिर परिवार में कोई सदस्य गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं। नियमों में भी ऐसे कर्मचारियों को अपनी सहूलियत के अनुसार नियुक्ति का अधिकार है। इसके विपरीत मौलिक शिक्षा निदेशालय ने नियमों को भी ताक पर रख दिया।

उन्होंने कहा कि समान वेतन के मसले पर मुख्य सचिव की सकारात्मक रिपोर्ट के बावजूद शिक्षा विभाग ने फाइल को एडवोकेट जनरल की राय के लिए भेजकर मामले को लटका दिया। इससे साफ है कि विभाग अतिथि अध्यापकों को लेकर गंभीर नहीं है।

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Posted By: Kamlesh Bhatt