तिजारा के 19 पार्षदों को हरियाणा में रोके जाने का दावा, रात को सड़क पर हाईवोल्टेज ड्रामा, सुबह थाने के बाहर हंगामा
पंचकूला में खैरथल-तिजारा नगर परिषद के सभापति चुनाव से पहले राजस्थान के 19 पार्षदों को हरियाणा पुलिस ने रोका। कांग्रेस ...और पढ़ें
HighLights
खैरथल-तिजारा नगर परिषद चुनाव से पहले पार्षदों को रोका।
पुलिस पर राजनीतिक दबाव में कार्रवाई का आरोप लगाया।
पिंजौर थाने के बाहर कांग्रेस नेताओं ने धरना प्रदर्शन किया।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। राजस्थान के खैरथल-तिजारा नगर परिषद में सभापति पद के चुनाव से ठीक पहले हरियाणा-हिमाचल सीमा पर रविवार देर रात हाईवोल्टेज सियासी घटनाक्रम सामने आया।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश में बाड़ेबंदी से राजस्थान लौट रहे कांग्रेस समर्थित और निर्दलीय पार्षदों को पंचकूला के चंडीमंदिर-सूरजपुर टोल प्लाजा के पास पुलिस ने रोक लिया। करीब 19 पार्षदों को रोके जाने का आरोप है।
कांग्रेस नेता इमरान खान के अनुसार, पार्षदों को मोरनी क्षेत्र के एक रिसॉर्ट में रखा गया था और राजस्थान में सभापति चुनाव के लिए मतदान से पहले उन्हें वापस ले जाया जा रहा था।
पार्षदों की बस और करीब आठ गाड़ियां रविवार रात करीब 9 बजे सूरजपुर टोल के पास पहुंचीं। उनका आरोप है कि वहां पहले से पुलिस बल मौजूद था और पार्षदों के वाहनों को रोककर उन्हें पिंजौर थाने ले जाया गया।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों के साथ मौजूद कुछ वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं थीं या नंबर प्लेट ढकी हुई थीं ।कार्रवाई के बाद कांग्रेस के स्थानीय नेता पिंजौर थाने पहुंचे और पार्षदों से मिलने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि थाने का गेट नहीं खोला गया, जिसके बाद सोमवार सुबह थाने के बाहर धरना शुरू कर दिया गया।
बालकनाथ पर लगाए आरोप
इमरान खान ने तिजारा के विधायक बालकनाथ पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि पार्षदों को मतदान से रोकने के उद्देश्य से राजनीतिक दबाव में यह कार्रवाई कराई गई। हालांकि, यह आरोप कांग्रेस नेता का दावा है और संबंधित पक्ष का जवाब इस रिपोर्ट के समय उपलब्ध नहीं था।
मतदान पर असर की आशंका
तिजारा नगर परिषद के सभापति पद के लिए सोमवार को मतदान है। उपलब्ध चुनावी जानकारी के अनुसार मतदान सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक होना है और इसके बाद मतगणना की जानी है। पिंजौर से तिजारा की दूरी करीब 360 किलोमीटर है।
पार्षद हिरासत में लेने का आरोप
इमरान खान ने बताया कि उनके यहां नगर निकाय के चुनाव हुए थे जिसमें कुल 34 पार्षद चुने जाने थे। उन्होंने कहा कि इसमें 19 पार्षद कांग्रेस और कांग्रेस समर्थित जीत कर आए थे। इन सभी पार्षदों और इनके परिवार को हिमाचल के शिमला के पास शोघी में एक रिजॉर्ट में रुकवाया हुआ था। सोमवार को नप चेयरमैन के लिए वोटिंग होनी थी जिसका समय सुबह 11 बजे से 2 बजे के बीच का रखा गया था।
इसी वोटिंग के लिए शोघी से तिजारा के लिए पार्षद निकले थे। उन्होंने कहा कि पिंजौर पुलिस ने इन सभी लोगों को कहीं ले गई है। यह सब वहां के विधायक के इशारे पर हुआ है। दोपहर करीब 12 बजे धरने पर बैठे लोगों को जानकारी मिली कि जिन पार्षदों को वह खोज रहे हैं उनकी लास्ट लोकेशन शाहबाद और कुरुक्षेत्र के बीच मिली है। जिसके बाद वह सभी वहां के लिए निकल गए।
वहीं पंचकूला के वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय बंसल ने इस घटनाक्रम का विरोध जताया है। उनका कहना है कि प्रदेश के गृह मंत्री, पंचकूला के सीपी और डीसीपी को ई-मेल के जरिए इस मामले की आधिकारिक जानकारी दे दी है। अगर पुलिस पार्षदों को नहीं छोड़ती तो पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी और कांग्रेस जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में हाईकोर्ट में जाएंगे।
सुबह मैंने आश्वासन दिया था कि आपके पार्षदों का पता करते हैं। अभी पता चला है कि अंबाला और शाहाबाद कि तरफ कही हैं। सही लोकेशन थोड़ी देर में पता लगेगी। पुलिस का किसी चीज में कोई रोल नहीं है। -राम कुमार, एसीपी पंचकुला।
