पंचकूला में 3 दिवसीय वसंत उत्सव शुरू, CM नायब ने एशिया का सबसे बड़ा कैक्टस गार्डन को खोला; सूरजकुंड मेले की तरह मिलेगी पहचान
हरियाणा सरकार ने पंचकूला में तीन दिवसीय वसंत उत्सव शुरू किया, जो सूरजकुंड मेले की तर्ज पर है। मुख्यमंत्री नायब ...और पढ़ें
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पंचकूला में 3 दिवसीय वसंत उत्सव शुरू। फोटो जागरण
HighLights
हरियाणा सरकार ने पंचकूला में तीन दिवसीय वसंत उत्सव शुरू किया।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कैक्टस गार्डन का भी उद्घाटन किया।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर, प्राणवायु देवता पेंशन योजना का उल्लेख।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। हरियाणा सरकार ने करीब 37 सालों के लंबे अंतराल के बाद पहली बार सूरजकुंड मेले की तर्ज पर पंचकूला में तीन दिवसीय वसंत उत्सव की शुरुआत की। शनिवार को पंचकूला के सेक्टर-पांच स्थित टाउन पार्क में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वसंत उत्सव की शुरुआत करते हुए कहा कि आगे भी इस तरह आयोजन होता रहेगा।
साथ ही, रखरखाव के लिए पिछले एक वर्ष से बंद एशिया का सबसे बड़ा कैक्टस गार्डन भी जनता के लिए खोल दिया गया है। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम में पंहुचने पर परंपरागत पगड़ी बांधकर व ढोल नगाड़ो और वाद्ययंत्रों से स्वागत किया गया।
मुख्यमंत्री ने वसंत उत्सव में फूलों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कट फ्लावर, ड्राई फ्लावर और फ्रेस फ्लावर सेक्शन में फूलों की विभिन्न किस्मों में गहरी रूचि दिखाई। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पादों के स्टाल का भी अवलोकन किया।
पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण (पीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के मकरंद पांडुरंग के प्रयासों से वसंत उत्सव की शुरुआत हो सकी है। उन्हीं के प्रयासों की देन है कि पिछले दिनों बहुत ही कम समय में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा बनकर तैयार कराई गई थी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वसंत उत्सव हमारी संस्कृति, प्रकृति प्रेम व सामाजिक समरसता का जीवंत उत्सव है। यह उत्सव पूरे प्रदेश के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पंचकूला हरियाणा का एक आधुनिक और व्यवस्थित शहर है। यह नगर प्राकृतिक सुंदरता, स्वच्छ वातावरण और सुव्यवस्थित विकास का अद्भुत उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रही है। इन समस्याओं का समाधान केवल प्रकृति के संरक्षण से ही संभव है। हरियाणा सरकार भी पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
पेड़ों के संरक्षण के लिए प्राणवायु देवता पेंशन योजना के तहत 75 साल से ऊपर के पेड़ों के रखरखाव के लिए तीन हजार रुपये सालाना पेंशन देने का प्रविधान किया गया है। अब तक 3,819 पेड़ों की पहचान कर उनके अभिरक्षकों को 2 करोड़ 5 लाख रुपये की राशि पेंशन के रूप में दी गई है। इनके अलावा 1,541 अतिरिक्त पेड़ों की पहचान की गई है।
नायब सैनी ने लोगों से आह्वान किया कि सब मिलकर इस उत्सव को जीवन के एक नए दृष्टिकोण के रूप में अपनाएं और यह संकल्प लें कि हम अपने पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण (पीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं डीपीआर के मकरंद पांडुरंग ने कहा कि आज का यह वातावरण हमें याद दिलाता है कि विकास तभी सार्थक है, जब उसमें हमारी संस्कृति और आपसी भाईचारे के रंग घुले हों। ऐसे आयोजनों से जहां एक ओर हमारे स्थानीय कलाकारों और हस्तशिल्पों को मंच मिलता है, वहीं दूसरी ओर यह पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करता है।
समारोह में हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष डा. ज्ञानचंद गुप्ता, भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा, शिवालिक विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश देवी नगर और उपायुक्त सतपाल शर्मा शामिल हुए।
