पंचकूला, जेएनएन। चंद्रयान दाे की कामयाबी के नजारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पंचकूली की आठवीं की एक छात्रा निष्‍ठा भी देखेगी। सात मिनट में 10 सवालों के जवाब देकर पंचकूला की निष्ठा चंद्रयान- 2 के चंद्रमा पर पहुंचने के ऐतिहासिक पलों का गवाह बनने के लिए चुनी गई है। निष्‍ठा यह गौरव पाकर खुशी से झूम उठी है। यह सब हुआ उसकी मां की एक चुनौती के कारण। निष्‍ठा का इच्‍छा अंतरिक्ष यात्री बनने की है।

निष्ठा कुछ दिन पूर्व जब अपना फेसबुक अकाउंट चेक कर रही थी तो उसे स्पेस क्विज-2019 के बारे में पता चला। तभी उनकी मां प्रीति शर्मा ने चैलेंज दिया कि यदि वह सच में एस्ट्रोनॉट बनना चाहती है तो भारत सरकार की ओर से आयोजित स्पेस क्विज-2019 के सवालों को हल करके दिखाए। निष्ठा ने मां का चैलेंज स्वीकार किया और 7 मिनट में 10 सवालों के जवाब दे। निष्‍ठा ने इसे स्‍वीकार किया।

निष्ठा को खुद पर तो पूरा भरोसा था, लेकिन माता-पिता के लिए उसकी यह कामयाबी चौंकाने वाली थी। 28 अगस्त को निष्ठा की ईमेल पर एक मैसेज आया, तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। ईमेल के जरिये परिवार को पता चला कि निष्ठा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चंद्रयान-टू के चंद्रमा के दक्षिणी छोर पर 7 सितंबर को उतरने का नजारा देखने का मौका मिल गया है।

7 सितंबर को जब पूरी दुनिया की निगाह भारत के चंद्रयान-२ पर होगी, उस समय पंचकूला के अमरावती विद्यालय की छात्रा निष्ठा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संग बेंगलुरु स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के नियंत्रण कक्ष में इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनेगी। भारत सरकार से इस बावत उन्हें आमंत्रण मिल गया है। निष्ठा को अब उस ऐतिहासिक पल का बेसब्री से इंतजार है, जब चांद की सतह को चंद्रयान 2 चूमेगा।

आठवीं कक्षा की छात्रा निष्ठा शर्मा ने बताया कि उसे अंतरिक्ष में काफी रुचि है। पिछले दिनों भारत सरकार की ओर से हर स्कूल में स्पेस क्विज का आयोजन किया गया था। इसमें उन्होंने भी भाग लिया था। पूरे देश में करीब दस दिनों तक इसका आयोजन हुआ। बुधवार को उन्हें क्विज प्रतियोगिता में हरियाणा में आने की जानकारी मिली। इसके बाद भारत सरकार से इस पल का गवाह बनने के लिए आमंत्रण मिला।

निष्ठा ने कहा कि आज का दिन उनके लिए सबसे बड़ा दिन है। उसने कहा, 'मैं अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उस क्षण को जी सकूंगी, जिसका इंतजार पूरे देश को है। बचपन से ही स्पेस के बारे में जानने की इच्छा रही। आगे चलकर एस्ट्रोनॉट बनना चाहती है और यह उस दिशा में पहली सीढ़ी है।'

विद्यालय की ओर से छात्रा को दी गई बधाई अमरावती विद्यालय के चेयरमैन कुलभूषण गोयल ने निष्ठा को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। विद्यालय की डायरेक्टर अंबिका मेनन और प्रिंसिपल मनीषा ने कहा कि यह स्कूल के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि यह क्विज भारत सरकार की वेबसाइट पर आयोजित की गई की थी। इस क्विज कॉम्पीटिशन में 10 मिनट में 20 सवालों के जवाब देना थे।

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स्टार्ट बटन को क्लिक करते ही समय शुरू हो गया और उसके बाद क्विज को पॉज नहीं कर सकते थे। एक पार्टिसपेंट को केवल एक ही बार मौका मिला। कम समय में ज्यादा उत्तर देने वालों को क्विज का विजेता चुना। पंचकूला की निष्ठा को हरियाणा में चुना गया है।

रोजाना न्यूज पेपर पढ़ने का मिला फायदा

निष्ठा के पिता अमृतपाल शर्मा मढ़ावाला में मोबाइल फोन की दुकान चलाते हैं। वह सुबह चले जाते हैं और देर रात वापस आते हैं। जबकि माता प्रीति शर्मा गृहिणी है। प्रीति शर्मा ने बताया कि निष्ठा को रोजाना न्यूज पेपर पढ़ने की आदत है और काफी इनफॉरमेशन अखबार से मिलती है। 15 जुलाई को चंद्रयान लांच नहीं हो पाया था, तो उदास हो गई थी, परंतु दोबारा जब लांच हुआ, तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था।

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उन्‍होंने बताया कि निष्ठा ने 11 अगस्त 2019 को स्पेस क्विज प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। हरियाणा से दो स्टूटेंट्स को मिला मौका निष्ठा के साथ उसके पिता इसरो केंद्र जाएंगे। सरकार की तरफ से निष्ठा और उसके पिता अमृतपाल शर्मा के आने-जाने एवं रहने का खर्च दिया जाएगा। इस क्विज में प्रदेश से दो ही छात्रों को जाने का मौका मिल रहा है, जिसमें से एक पंचकूला की निष्ठा है।

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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