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हरियाणा के कॉलेजों में 2424 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ, 79 याचिकाओं पर हाई कोर्ट का फैसला; दोबारा जारी होगा परिणाम

Published: Sun, 13 Sep 2026 06:10 AM (IST)

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा में सहायक प्रोफेसरों की भर्ती से जुड़े 79 मामलों में एचपीएससी को नए सिरे से परिणाम जारी करने का आदेश दिया है।

हरियाणा के कॉलेजों में 2424 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ। फोटो सांकेतिक

हरियाणा के कॉलेजों में 2424 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ। फोटो सांकेतिक

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने सहायक प्रोफेसर भर्ती के नए परिणाम का आदेश दिया।

  2. आरक्षित वर्ग के लिए सामान्य श्रेणी नेट कटऑफ शर्त रद्द की गई।

  3. एचपीएससी को छह सप्ताह में पुनः मूल्यांकन कर नियुक्ति देनी होगी।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा में महाविद्यालय संवर्ग के सहायक प्रोफेसर पदों की भर्ती से जुड़े 79 मामलों में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) को नए सिरे से परिणाम जारी करने का आदेश दिया है।

हाई कोर्ट ने एचपीएससी की उस कार्रवाई को निरस्त कर दिया, जिसके तहत आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सामान्य श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करने के लिए सामान्य श्रेणी की कटआफ के बराबर राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) अंक हासिल करना अनिवार्य कर दिया गया था।

याची पक्ष के वकील मजलिज़ खान ने हाई कोर्ट को बताया कि आयोग ने विभिन्न विषयों में कुल 2424 पदों के लिए विज्ञापन जारी किए थे। बाद में 26 जून 2025 को आयोग ने नई शर्त जोड़ दी।याचिकाकर्ताओं का कहना था कि मूल विज्ञापन में केवल नेट उत्तीर्ण होना आवश्यक योग्यता के तौर पर निर्धारित था।

विज्ञापन में यह कहीं नहीं कहा गया था कि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सामान्य श्रेणी में विचार के लिए नेट की सामान्य श्रेणी वाली कटआफ भी पार करनी होगी। अदालत ने कहा कि भर्ती प्राधिकरण को चयन प्रक्रिया निर्धारित करने का अधिकार है, लेकिन पात्रता या चयन का कोई नया मानदंड भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही निर्धारित किया जाना चाहिए। बाद में ऐसा मानदंड लागू करना कानूनन उचित नहीं है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि नेट केवल सहायक प्रोफेसर पद के लिए पात्रता निर्धारित करने वाली योग्यता है। चयन की वास्तविक मेरिट विषय ज्ञान परीक्षा और साक्षात्कार जैसी निर्धारित चयन प्रक्रिया के आधार पर तय होनी है। यदि भर्ती नियम या विज्ञापन सामान्य श्रेणी में जाने पर स्पष्ट रोक नहीं लगाते, तो केवल इस आधार पर अभ्यर्थी को सामान्य श्रेणी में मेरिट के आधार पर विचार से बाहर नहीं किया जा सकता।

हाई कोर्ट ने 26 जून 2025 की एचपीएससी घोषणा को उस सीमा तक रद्द कर दिया, जिसमें सामान्य श्रेणी में विचार के लिए सामान्य श्रेणी की नेट कटआफ पार करना अनिवार्य किया गया था। 7 जनवरी 2026 के वे अस्वीकृति पत्र भी उस सीमा तक रद्द कर दिए गए, जिनमें केवल सामान्य श्रेणी की नेट कटआफ पूरी न करने के आधार पर अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी खारिज की गई थी।

संबंधित अधिकारियों को इन अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी पर दोबारा विचार करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि वे पात्र पाए जाते हैं और चयन के दायरे में आते हैं तो उन्हें बिना अनावश्यक देरी नियुक्ति पत्र जारी करने होंगे। उन्हें सभी परिणामी काल्पनिक लाभ मिलेंगे, लेकिन उस अवधि का बकाया वेतन नहीं मिलेगा जिसमें उन्होंने वास्तविक रूप से सेवा नहीं की। यह प्रक्रिया आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के छह सप्ताह के भीतर पूरी करनी होगी।