जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों को 7 अगस्‍त की हड़ताल बहुत भारी पड़ सकती है। रोडवेज की बसों का चक्का जाम करने वाले हड़ताली कर्मचारियों पर मनोहरलाल सरकार सख्त हो गई है। नए भर्ती चालकों और क्‍लर्कों की नौकरी के लिए खतरा पैदा हो गया है। परिवहन निदेशालय ने हड़ताल में शामिल हुए नए चालकों और क्लर्कों का ब्योरा तलब कर लिया है। इसके साथ ही सभी रोडवेज महाप्रबंधकों की जवाबदेही तय करते हुए पूछा गया है कि हड़ताल के दौरान बसों के संचालन के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए।

परिवहन निदेशक ने सभी रोडवेज डिपुओं से मांगा हड़ताली कर्मचारियों का ब्योरा

परिवहन विभाग के महानिदेशक विकास गुप्ता ने बाकायदा एक फार्मेट जारी कर सभी रोडवेज महाप्रबंधकों को निर्देश दिया है कि वे हड़ताल का पूरा ब्योरा निदेशालय ऑनलाइन भेज दें। हड़ताल में शामिल नवनियुक्त चालकों और लिपिकों की जानकारी मांगने के अलावा यह भी पूछा गया है कि 7 अगस्‍त को चक्का जाम के दौरान संबंधित रोडवेज डिपुओं की कितनी बसें संचालित हुईं। हालांकि निर्धारित समय में कई जिलों के रोडवेज महाप्रबंधक अपेक्षित जानकारी निदेशालय को नहीं दे सके हैं।

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मोटर व्हीकल संशोधन बिल और किलोमीटर स्कीम के तहत 720 बसों के संचालन के विरोध में प्रदेश व्यापी हड़ताल में शामिल रहे 1628 नए चालकों को निकालने के लिए डिपो स्तर पर ही नोटिस जारी किए गए हैं। परिवहन निदेशालय ने अब हड़ताल में शामिल लिपिकों पर भी कार्रवाई की तैयारी कर ली है।

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वहीं, हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति पदाधिकारियों वीरेंद्र सिंह धनखड़ और शरबत सिंह पूनिया तथा ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के राज्य प्रधान हरिनारायण शर्मा और महासचिव बलवान सिंह दोदवा ने चेतावनी दी कि अगर किसी डिपो से एक भी चालक या लिपिक को निकाला तो उसी समय चक्का जाम कर दिया जाएगा।

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Posted By: Sunil Kumar Jha