जागरण संवाददाता, पंचकूला : शहर में पॉलीथिन के खिलाफ मुहिम ठंडे बस्ते में डाल दी गई है और कोई भी अधिकारी फील्ड में जाकर पॉलीथिन में सामान बेचने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। स्थानीय निकाय विभाग की ओर से जिले के 18 अफसरों को शहर में प्लास्टिक पर बैन लगाने के लिए चालान किए जाने की जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में शहर में रोजमर्रा के कामों में धड़ल्ले से प्लास्टिक पॉलीथिन का इस्तेमाल हो रहा है। दुकानों व रेहडि़यों पर प्लास्टिक पॉलीथिन का इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। इस कारण अर्बन लोकल बॉडीज की ओर से प्लास्टिक बैन को लेकर जारी किए गए आदेश सिर्फ फाइलों व मीटिग तक ही सीमित रह गए हैं। नगर निगम की ओर से दावा किया जा रहा है कि ईओ व पंचकूला-कालका-पिजौर के सचिव की ओर से तीनों जगह पर इस साल 350 के करीब चालान किए गए हैं। पिछले दिनों निगम की ओर से पंचकूला के डीसी को लेटर लिखकर बताया गया है कि निगम की ओर से पॉलीथिन बैन को लेकर ड्राइव चलाई जा रही है और चालान भी किए हैं। पॉलीथिन चालान को लेकर जिम्मेदार बाकी 21 अफसर भी चालान करें तो पंचकूला को जल्द प्लास्टिक फ्री बनाया जा सकता है। नगर निगम के लेटर के बाद डीसी ने सभी 21 अधिकारियों को लेटर लिखकर पॉलीथिन का चालान किए जाने का आदेश जारी किया। बावजूद इसके अधिकारियों की ओर से चालान नहीं किए जा रहे और शहर में धड़ल्ले से पॉलीथिन का इस्तेमाल हो रहा है। नगर निगम के प्रशासक ने डीसी पंचकूला को लेटर लिखकर कहा था कि निगम की ओर से अब तक 251 चालान किए गए हैं, बाकी 17 अधिकारियों के पास भी चालान बुक है। वह भी फील्ड में कार्रवाई करें। इस मामले में डीसी मुकेश कुमार आहुजा का कहना है कि पंचकूला को प्लास्टिक फ्री बनाने के लिए चालान करना जरूरी हैं। जिन-जिन अफसरों को जिम्मेदारी दी गई है वह चालान जरूर करेंगे। अधिकारी ठीक से नहीं कर रहे ड्यूटी

सिटीजंस वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान एसके नैयर ने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से पॉलीथिन के लिफाफे बनाने, इस्तेमाल करने व बेचने पर पिछले कई साल से प्रतिबंध लगा है। लेकिन पॉलीथिन खुले में आम मिल रहे हैं। नैयर ने कहा कि डीसी ने कई साल से 21 अधिकारियों की कमेटी बनाकर शहर और जिला के अलग-अलग इलाकों में इनकी ड्यूटी लगाई है ताकि पॉलीथिन व प्लास्टिक की चीजों का इस्तेमाल न हो। ये बेचने व बनाने वालों पर जुर्माने से सरकार को रेवेन्यू भी मिलेगा। लेकिन असल में ऐसा कुछ नहीं हो रहा है, क्योंकि अधिकारियों ने न चेकिग की है और न चालान काटे हैं। नैयर ने डीसी मुकेश आहुजा, यूएलबी डायरेक्टर बलकार सिंह व निगम में ईओ जरनैल सिंह को पत्र लिखकर इसके लिए अपील की है। नगर निगम के कर्मचारी ईओ के नेतृत्व में चालान कर रहे हैं। इस मुहिम कई अन्य अधिकारियों की भी ड्यूटी है, उन्हें भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए, तभी पंचकूला पॉलीथिन फ्री होगा।

-राजेश जोगपाल, प्रशासक, नगर निगम

Posted By: Jagran

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