पंचकूला में सोनू नोल्टा हत्याकांड में शामिल तीन आरोपितों को जमानत नहीं, कोर्ट ने बताया आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा
पंचकूला के सोनू नोल्टा हत्याकांड में शामिल गोपाल कुमार, मनिंदर सिंह और आकाशदीप सिंह की जमानत याचिकाएं अदालत ने खारिज ...और पढ़ें

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बिक्रमजीत अरोड़ा की अदालत में सुनवाई। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
गोपाल, मन्नी मोटा, आकाशदीप को अदालत से राहत नहीं।
साजिश, हथियार सप्लाई, शूटरों को पनाह देने का आरोप।
यमुनानगर और करनाल की जेल में बंद हैं तीनों आरोपित।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। अमरावती माल के बाहर हुए चर्चित सोनू नोल्टा हत्याकांड में हत्या की साजिश, हथियारों की सप्लाई और मुख्य शूटरों को पनाह देने के आरोपों से घिरे तीन आरोपितों को अदालत से राहत नहीं मिली।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बिक्रमजीत अरोड़ा की अदालत ने गोपाल कुमार, मनिंदर सिंह उर्फ मन्नी उर्फ मोटा और आकाशदीप सिंह की नियमित जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। अभियोजन पक्ष ने तीनों की अलग-अलग भूमिका बताते हुए उन्हें वारदात से जुड़े आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा बताया।
पुलिस के अनुसार, पांच जून 2025 की रात करीब 10:45 बजे अमरावती माल के बाहर स्कार्पियो में बैठे सोनू नोल्टा पर पियूष पिपलानी और अंकुश ने गोलियां चलाई थीं। सोनू की मौत हो गई थी, जबकि नितिन पंवार उर्फ प्रिंस घायल हो गया था। मामले में छह जून 2025 को पिंजौर थाने में केस दर्ज किया गया था।
तीनों की भूमिका पर अभियोजन की दलीलें
- गोपाल कुमार (22), निवासी फरीदकोट: गोपाल पर मुख्य आरोपितों के वारदात को अंजाम देने के बाद फरार होने के दौरान पनाह देने का आरोप है। उसने नवंबर 2025 में अमृतसर के होटल वुड्ज और लुधियाना के होटल रेड वेलवेट में उन्हें ठहरने और खाने की व्यवस्था करवाई थी। अमृतसर के होटल की सीसीटीवी फुटेज को भी उसके खिलाफ साक्ष्य के तौर पर पेश किया गया। वह यमुनानगर जेल में बंद है।
- मनिंदर सिंह उर्फ मन्नी मोटा (32), निवासी पिंजौर: मनिंदर पर अपने बाड़े में साजिश की बैठक करवाने, वारदात में इस्तेमाल हथियारों का बैग सौंपे जाने और सोनू की गतिविधियों की रेकी करने का आरोप है। अभियोजन ने मोबाइल लोकेशन और काल डिटेल रिकार्ड का हवाला भी दिया। वह यमुनानगर जेल में बंद है।
- आकाशदीप सिंह (25), निवासी फाजिल्का: आकाशदीप पर गैंगस्टर आरजू बिश्नोई के इशारे पर अवैध हथियार जुटाने और सह-आरोपितों तक पहुंचाने का आरोप है। अभियोजन ने सिग्नल एप पर कथित बातचीत और मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्यों को अहम बताया। वह करनाल जेल में बंद है।
