चंडीगढ़ [डॉ.सुमित सिंह श्योराण]। इंटरनेशनल प्रोफेशनल बॉक्सिंग में जल्द ही चंडीगढ़ के दमदार मुक्केबाज के पंच देखने को मिलेंगे। अक्तूबर में फिलिपींस में होने वाली प्रोफेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में रवि वत्स विदेश में होने वाले अपने पहले मुकाबले के लिए तैयारी में जुटे हैं। उसके लिए घंटों रिंग में जीत के लिए पसीना बहा रहे हैं।

26 साल के रवि अभी तक देशभर में हुई विभिन्न स्टेट और नेशनल स्तर की बॉक्सिंग चैंपियनशिप में 20 से अधिक मेडल जीत चुके हैं। रवि ने गुडग़ांव में हुई प्रोफेशन बॉक्सिंग टूर्नामेंट में अफगानिस्तान के मुक्केबाज जुबेर आलम को तीसरे राउंड में नॉकआउट किया था। जिंदगी में मुश्किल हालात से निकलकर रवि ने खुद को इंटरनेशनल प्रतियोगिता के लिए तैयार किया है।

किसान के बेटे में है गजब का जुनून

बॉक्सर रवि हरियाणा के जींद जिले के गांव गांगोली का रहने वाला है। आर्थिक हालात कमजोर होने के बावजूद रवि अपने लक्ष्य के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है। पिता कृष्णचंद्र पेशे से किसान है। चार भाई बहनों में रवि सबसे बड़ा है। आर्थिक तंगी के कारण प्राइवेट नौकरी भी करनी पड़ी, लेकिन बॉक्सिंग के लगाव के कारण इन्होंने नौकरी छोड़ फिर से बॉक्सिंग पर ध्यान देना शुरू किया।

2013 के बाद लगातार कई प्रतियोगिताओं में गोल्ड जीतने के बाद रवि ने प्रोफेशनल बॉक्सिंग में जाने का मन बना लिया। सोनीपत से भी कुछ समय ट्रेनिंग ली, लेकिन बाद में चंडीगढ़ में आकर पूरा फोकस बॉक्सिंग पर देना शुरू किया है। रवि बताते हैं कि उनका भी सपना है कि वह बॉक्सर विजेंद्र सिंह की तरह इंटरनेशनल स्तर पर बॉक्सिंग चैंपियनशिप जीते।

बॉक्स रवि के पंच में है दम, 20 मेडल जीते

रवि ने अभी तक सीनियर नेशनल लेवल तक की प्रतियोगिता में 20 से अधिक मेडल जीते हैं। उनमें 12 गोल्ड मेडल शामिल हैं। ऑल इंडिया इंटर साई 2014, सेंट्रल जोन चैंपियनशिप, यूपी सीनियर स्टेट चैंपियनशिप, पूर्वांचल यूनिवर्सिटी और लखनऊ में आयोजित बॉक्सिंग चैंपियनशिप जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीते हैं।

दिक्कतें खूब आई, पीजीआइ लंगर से लिया खाना

देश के लिए बॉक्सिंग में मेडल जीतने की ललक रखने वाले रवि वत्स के लिए जिंदगी आसान नहीं थी। बॉक्सिंग में कॅरियर बनाने के लिए जब चंडीगढ़ आए तो हालात ऐसे भी आए कि इन्हें पीजीआइ गेट के सामने लगने वाले लंगर से कई दिन गुजारा करना पड़ा। कड़ी मेहनत से इवेंट जीते तो कुछ प्राइवेट असाइनमेंट के बाद आर्थिक हालात बेहतर होते गए।
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बेटियों को भी सिखा रहे मुफ्त बॉक्सिंग

नयागांव स्थित द बॉक्सिंग एकेडमी में रवि आजकल इस साल होने वाली प्रोफेशनल बॉक्सिंग की तैयारी कर रहे हैं। रवि बताते हैं कि वह एकेडमी में 30 से अधिक स्कूल और कॉलेज के बच्चों को भी बॉक्सिंग के गुर सीखाते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास 8-9 लड़कियां भी बॉक्सिंग सीख रही हैं। कई गरीब बच्चों को निशुल्क बॉक्सिंग की ट्रेनिंग दे रहे हैं। रवि बताते हैं कि उनके पास ट्रेनिंग ले रहे कई बच्चे भविष्य में अच्छे बॉक्सर बनने के लायक हैं। वे एक दिन भारत का नाम जरूर रोशन करेंगे।

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पंजाबी गायक परमीश वर्मा को दी बॉक्सिंग की ट्रेनिंग 

बॉक्सर रवि के चर्चित पंजाबी गायक  और एक्टर परमीश वर्मा भी कायल हैं। फिल्म रॉकी मेंटल में रवि ने परमीश को करीब तीन महीने तक बॉक्सिंग की ट्रेनिंग दी है। इस फिल्म में परमीश ने बॉक्सर की रीयल लाइफ को पर्दे पर दिखाया है। रवि वत्स और परमीश का फिल्म में फाइट सीन भी है। वत्स ने कहा कि उनके पास और भी फिल्म के लिए ऑफर है, लेकिन  वह सिर्फ वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप बैल्ट जीतने पर फोकस कर रहा है। 

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Posted By: Kamlesh Bhatt