जागरण संवाददाता, पंचकूला : शिवालिक क्षेत्र में गिरते भू-जलस्तर की समस्या के समाधान के लिए राज्य व केंद्र की भाजपा सरकार गंभीर नहीं है, जिसका खामियाजा इलाके के किसानों को भुगतना पड़ रहा है। इलाके में भू-जलस्तर की समस्या का समाधान तभी संभव है, जब लंबित प्रस्तावित सिचाई योजनाओं के लिए विशेष आर्थिक पैकेज जारी किया जाएगा। हरियाणा किसान कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व पूर्व चेयरमैन विजय बंसल ने कहा है कि केंद्र व राज्य में भाजपा की सरकार होने के बावजूद केंद्र में जल शक्ति मंत्री अंबाला का होने के बावजूद व सूबे की कैबिनेट में दो मंत्री शिवालिक क्षेत्र के होने के बावजूद इलाके की सिचाई योजनाएं ठंडे बस्ते में पड़ी हैं। पहाड़ी इलाकों में वन विभाग द्वारा निर्मित धतोगड़ा जैसे डैमों की हालत खस्ता है, जिसके लिए नए डैम का बनाया जाना अति आवश्यक है। भू जलस्तर के नीचे गिरने के कारण शिवालिक क्षेत्र के अधीन जिला अंबाला के दो ब्लॉक भी डार्क जोन में रखा गया है। शिवालिक क्षेत्र अर्ध पहाड़ी व पिछड़ा क्षेत्र है, जहां किसानों को सिचाई के लिए राज्य व केंद्र सरकार द्वारा कोई खास सुविधाए मुहैया नहीं करवाई गई, जिसके लिए किसानों को प्राकृतिक स्त्रोतों पर ही निर्भर रहना पड़ता है।

परियोजना से शिवालिक क्षेत्र के हजारों किसानों को होगा फायदा

अंबाला-नारायणगढ़ सिचाई नहर परियोजना को स्वीकृति प्रदान की जाना अति आवश्यक है। यह योजना 2006 में मंजूर हुई थी, जिसमें यह सिचाई नहर जिला यमुनानगर के ताजेवाला से बिलासपुर, साढौरा और जिला अंबाला के नारायणगढ़ से होती हुई जिला पंचकूला के रायपुररानी तक पहुंचनी थी। हरियाणा सरकार ने 431 करोड़ की योजना का प्रस्ताव केंद्रीय जल आयोग को मंजूरी के लिए भेजा था। यहां भूमिगत पानी का स्तर काफी निचा है। किसानों के पास थोड़ी-थोड़ी जमीन है। शिवालिक क्षेत्र की सारी खेती वर्षा पर निर्भर है। इस नहर के निर्माण से हजारों एकड़ भूमि की सिचाई होगी। इस परियोजना से शिवालिक क्षेत्र के हजारों किसानों का फायदा होता। विजय बंसल का कहना है कि इलाके में दिवानवाला-डगराना-खेतपुराली-छामला सिचाई बांधो का निर्माण करने के लिए स्वीकृति देकर बजट आवंटित कर निर्माण शुरू करवाया जाए।

Posted By: Jagran

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