विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हरियाणा में 42 हारी सीटों का हिसाब लेंगी स्मृति इरानी, CM नायब सैनी व मंत्रियों के साथ 2 दिन का महामंथन

Published: Wed, 21 Oct 2026 10:42 PM (IST)

स्मृति इरानी हरियाणा भाजपा के संगठन और सरकार के कामकाज का आकलन करने के लिए पंचकूला में दो दिवसीय बैठकें कर रही हैं।

हरियाणा भाजपा की जमीनी हकीकत परखेंगी स्मृति इरानी, 42 हारी सीटों पर विशेष फोकस।

हरियाणा भाजपा की जमीनी हकीकत परखेंगी स्मृति इरानी, 42 हारी सीटों पर विशेष फोकस।

HighLights

  1. स्मृति इरानी हरियाणा भाजपा संगठन का आकलन करेंगी।

  2. 42 हारी विधानसभा सीटों की समीक्षा की जाएगी।

  3. सरकार और संगठन के बीच तालमेल पर जोर।

अनुराग अग्रवाल, चंडीगढ़। हरियाणा में लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करने वाली भाजपा अब अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए सरकार और संगठन के बीच तालमेल को नए सिरे से परखने के दौर में है।

पार्टी की नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी स्मृति इरानी 22 और 23 अक्टूबर यानी बृहस्पतिवार और शुक्रवार को पंचकूला स्थित प्रदेश कार्यालय पंचकमल में बैठकों के जरिए संगठन की जमीनी स्थिति, सरकार के कामकाज और जनप्रतिनिधियों की समाज कल्याण में भूमिका का आकलन करेंगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले दिनों हरियाणा के भाजपा विधायकों को इन्हीं तीन प्रमुख बिंदुओं पर काम करने के निर्देश दिए थे।

हरियाणा भाजपा का प्रभार मिलने के बाद स्मृति इरानी का यह पहला औपचारिक संगठनात्मक दौरा है। उनके साथ सह-प्रभारी डॉ. भोला सिंह भी मौजूद रहेंगे। दो दिन का यह कार्यक्रम मात्र परिचय बैठकों तक सीमित नहीं माना जाएगा।

स्मृति इरानी को प्रदेश नेतृत्व से लेकर जिला इकाइयों और पुराने जनप्रतिनिधियों तक से सीधे संवाद का अवसर मिलेगा। इन बैठकों से पार्टी की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और आगामी रणनीति की प्राथमिकताओं के संकेत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, भाजपा ने अभी किसी संभावित फेरबदल या नए फैसले को लेकर आधिकारिक संकेत नहीं दिए हैं।

वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 90 में से 48 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी, जबकि कांग्रेस को 37 सीटें मिली थीं। भाजपा को 42 विधानसभा क्षेत्रों में हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में इन हारे हुए विधानसभा क्षेत्रों में संगठन की कमजोरियों, स्थानीय नेतृत्व की भूमिका और जनता के साथ संपर्क की स्थिति को समझना स्मृति इरानी के लिए महत्वपूर्ण होगा।

पहले दिन प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, संगठन महामंत्री पवन राणा, प्रदेश पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और जिला प्रभारियों के साथ बैठकें होंगी। इसके बाद 2009, 2014 और 2019 में विधायक रहे नेताओं, तीन कार्यकाल तक प्रदेश पदाधिकारी रहे नेताओं तथा बोर्ड-निगमों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों से संवाद किया जाएगा। इन चर्चाओं में पुराने अनुभवों और वर्तमान संगठनात्मक चुनौतियों की तस्वीर सामने आ सकती है।

सत्ता और संगठन को एक साथ बैठाएंगी स्मृति

हरियाणा भाजपा की प्रभारी 23 अक्टूबर को कोर कमेटी की बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, कृष्णपाल गुर्जर और राव इंद्रजीत सिंह सहित प्रदेश सरकार के मंत्रियों के साथ विचार-विमर्श करेंगी। मुख्यमंत्री, मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की साझा बैठक भी निर्धारित है। अंतिम चरण में विचार परिवार के प्रतिनिधियों से संवाद होगा।

इन बैठकों का महत्वपूर्ण पहलू सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने, जनसमस्याओं पर जनप्रतिनिधियों की भूमिका और संगठनात्मक कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के बीच तालमेल रहेगा। विधानसभा चुनाव में अभी करीब तीन वर्ष शेष हैं, इसलिए स्मृति इरानी के सामने तत्काल चुनावी अभियान से अधिक संगठन की कमजोरियां पहचानने और उन्हें समय रहते दूर करने की चुनौती होगी।