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'भौकाल नहीं, जनता के बीच काम करो...', हरियाणा में स्मृति इरानी ने BJP नेताओं को दिखाए कड़े तेवर

Published: Fri, 23 Oct 2026 10:15 PM (IST)

स्मृति इरानी ने हरियाणा भाजपा के नेताओं को जनता के बीच सक्रिय रहने और संगठन को मजबूत करने का स्पष्ट संदेश दिया।

स्मृति ने दिखाए कड़े तेवर, बोलीं-हनक नहीं, जनता के बीच करो काम।

स्मृति ने दिखाए कड़े तेवर, बोलीं-हनक नहीं, जनता के बीच करो काम।

HighLights

  1. स्मृति इरानी ने हरियाणा भाजपा को जवाबदेही और जनसंपर्क पर जोर दिया।

  2. मंत्रियों-विधायकों को जनता के बीच रहकर काम करने के निर्देश दिए।

  3. दीपावली के बाद स्वयं फील्ड में उतरकर चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेंगी।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा भाजपा की प्रभारी स्मृति इरानी का प्रदेश दौरा महज बैठकों और औपचारिक मुलाकातों तक सीमित नहीं रहा। स्मृति इरानी सरकार और संगठन, दोनों को स्पष्ट संदेश देकर गई हैं। उनका स्पष्ट कहना था कि पार्टी में पद की अहमियत तभी है, जब उसका इस्तेमाल संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच पकड़ बढ़ाने के लिए होगा।

मंत्रियों और विधायकों को कार्यकर्ताओं के बीच रहने, जनसंवाद बढ़ाने और चुनाव में हारी हुई सीटों पर विशेष ध्यान देने की हिदायत देने के साथ इरानी ने संगठन के पेंच भी कसे। उनके दौरे से साफ संकेत मिला कि भाजपा 2029 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर किसी तरह की ढिलाई स्वीकार करने के मूड में नहीं है। दीपावली के बाद इरानी स्वयं फील्ड में उतरेंगी। इससे पहले उन्होंने मंत्रियों व विधायकों को फील्ड में जाने के निर्देश दिए।

स्मृति इरानी हरियाणा आने से पहले पूरा होमवर्क करके आई थीं। उनके पास विधायकों, मंत्रियों, सांसदों, जिला प्रभारियों, जिला अध्यक्षों और विभिन्न मोर्चों व प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों के कामकाज का पूरा रिपोर्ट कार्ड था।

बैठकों में जब भी कोई अपनी बात रखता, वह संबंधित रिकार्ड पर नजर डालकर सवालों के जवाब और कामकाज का हिसाब सामने रख देती। एक युवा भाजपा नेता ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं को उनके कद के मुताबिक काम नहीं दिया जा रहा है। इस पर इरानी ने कहा कि कोई सीनियर-जूनियर नहीं है। सब कार्यकर्ता हैं और उसी तरह से काम करो।

भाजपा प्रभारी ने गुरुग्राम के जिला प्रधान के साथ युवा मोर्चा के एक प्रदेश स्तरीय नेता के भौकाल को भी सार्वजनिक किया, जो पूरे तामझाम से चलते रहे हैं। पहले दिन जिला प्रधानों के सुरक्षाकर्मी हटाने की बात कहने के बाद दूसरे दिन शुक्रवार को उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में यह सवाल उठाया कि मंत्रियों को भी सुरक्षा के तामझाम की कितनी जरूरत है।

उनका जोर इस बात पर था कि मंत्री जनता के प्रतिनिधि हैं और उन्हें जनता के बीच रहकर काम करना चाहिए। उनका संकेत था कि पद और सुरक्षा का प्रदर्शन जनता के बीच सक्रियता का विकल्प नहीं हो सकता।

गांवों और शहरों में करना होगा योजनाओं का प्रचार

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के साथ स्मृति इरानी की बेहतर ट्यूनिंग भी देखने को मिली। उन्होंने मंत्रियों और विधायकों को कहा कि वे फील्ड में अधिक समय बिताएं, कार्यकर्ताओं से मिलें और जनता की समस्याओं को सुनें।

किसी भी जिले के दौरे पर जाने वाले मंत्री को वहां के पार्टी कार्यालय में बैठकर कार्यकर्ताओं से संवाद करने और उनकी बात सुनने के निर्देश दिए गए। उन्होंने गांवों और शहरों में केंद्र तथा राज्य सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार बढ़ाने पर भी जोर दिया।

भाजपा में अब पद के साथ जवाबदेही भी तय

स्मृति इरानी दीपावली के बाद स्वयं हरियाणा के प्रवास पर निकलेंगी। वह पहले लोकसभावार और फिर जिलावार बैठकें करेंगी। इन बैठकों के जरिए संगठन की सक्रियता, नेताओं के जनसंपर्क और चुनावी तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। हरियाणा भाजपा में अब पद के साथ जवाबदेही भी तय होगी।

मंत्रियों और संगठन के पदाधिकारियों को जनता के बीच सक्रिय रहना होगा। हारी हुई सीटों पर पकड़ मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए जमीन तैयार करने का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब बैठकों में किए गए वादे जमीन पर दिखाई देंगे।